वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष
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वाक्यांशों के समानार्थक शब्द

वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष
वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष

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One Word Substitution

वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष

  • भाव-वाचक शब्द हिन्दी में एक वाक्य, वाक्यांश अथवा अनेक शब्दों के लिए जो एक शब्द का प्रयोग होता है, वह प्रायः संस्कृत से लिया जाता है।
  • संस्कृत के ये शब्द हिन्दी में रूढ से हो गये हैं। हिन्दी में ऐसे शब्दों की बहत कमी है।
  • इसका कारण है कि संस्कृत संश्लिष्ट भाषा है और हिन्दी विश्लिष्ट । इस महत्त्वपूर्ण तथ्य का ध्यान रखना अत्यंत ही आवश्यक है। परिभाषा: कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए ‘वाक्यांशों के लिए एक शब्द’ का प्रयोग बहुउपयोगी होता है। ऐसे शब्दों को अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द भी कहा जाता है।

अ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो सबके अन्तःकरण की बात जानने वाला हो ———अन्तर्यामी (MPPCS.:85:90. RAS.:88:98:04, UPPCS.:06. IAS.:06:08:09)
  2. जो पहले कभी न हुआ हो——अभूतपूर्व (IAS.:92:95:06. RAS.:88:91:98)
  3. जो शोक करने योग्य न हो—–अशोक (UPPCS.:94:98:99:00)
  4. जो खाने योग्य न हो——अखाद्य (UPPCS.:94)
  5. जो पिया न जा सके——अपेय
  6. जो टूट न सके——अटूट
  7. जिसका खंडन न किया जा सके —–अखंडनीय
  8. जिसके खण्ड या टुकड़े न हुए हों—–अखंडित
  9. जो क्षीण न हो सके——अक्षय (RO.:2013)
  10. जो निन्दा के योग्य न हो—–अनिन्दनीय
  11. जो वन्दना के योग्य न हो——अवन्दनीय
  12. जिसकी गहराई या थाह का पता न लग सके ——-अथाह, अगाध (RAS.:87.UPPCS.:09)
  13. जो गाये जाने योग्य न हो—–अगेय
  14. जो चिन्ता के योग्य न हो—-अचिन्त्य, अचिन्तनीय (RAS:8704:07)
  15. जिसमें चेतना न हो——अचेतन
  16. जो छेदा न जा सके—–अछेद्य
  17. जो इन्द्रियों द्वारा न जाना जा सके ——अगोचर, अतीन्द्रीय (UPPCS.:99:IAS.:05:07)
  18. किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु ——अमानत (UPPCS.:14)
  19. जो बीत चुका हो—–अतीत (IAS.:90:96:99:03:04:07)
  20. जिसकी माँग न की गयी हो—–अयाचित (B.Ed..2011)
  21. जो दिखायी न पड़े——अदृश्य, अप्रत्यक्ष (UPPCS.:91:10. IAS.:90:01:04:07)
  22. जो सदा से चला आ रहा है—-अनवरत (IAS.:39)
  23. जो कभी नहीं मरता—-अमर्त्य, अमर (APO.:06:09. RAS.:06:08.IAS.:89:91:01:03:05)
  24. जो आगे (दूर) की न सोचता हो—–अदूरदर्शी (Upper Sub.01:03:5 609)
  25. जो आगे (दूर) की सोचता हो——-अग्रसोची, दूरदर्शी (UPPCS.:04)
  26. जो दूर की बात सोच न सके—–अनाग्रसोची
  27. मन में आप से आप उत्पन्न होने वाली प्रेरणा ——अंतःप्रेरणा
  28. धरती (पृथ्वी) और आकाश के बीच का स्थान ———अंतरिक्ष (UPPCS.:92:99:02:05)
  29. मन में होने वाला स्वाभाविक ज्ञान——अंतर्ज्ञान
  30. जिसका कोई अर्थ न हो।——अर्थहीन (UPPCS.:95, IAS.:03:06)
  31. आगे बढ़कर स्वागत करना—–अगवानी
  32. किसी देश के अन्दर होने वाला या उससे सम्बंध रखने वाला ——– अंतर्देशीय
  33. जो किसी वस्तु के अंदर दृढ़तापूर्वक वर्तमान या स्थित है —– अंतर्निविष्ट
  34. जिस पर आक्रमण न किया गया हो——अनाक्रांत (UPPCS.:95)
  35. जिसे जीता न जा सके——अजेय (UPPCS.:95:07.Upper Sub.:04.RO.:2013)
  36. बिना वेतन काम करने वाला—-अवैतनिक (UPPCS:99, BEd.:05:07, Low Sub.:98)
  37. जिसका जन्म पहले हुआ हो (बड़ा भाई) ——अग्रज (RAS.:87:01:06)
  38. जिसका जन्म पीछे हुआ हो (छोटा भाई) ——अनुज
  39. छोटी बहन—–अनुजा
  40. दोपहर के बाद का समय—-अपराह (IAS:89,Upper Sub.:92:00,UPPCS.:00)
  41. जिसकी गिनती पहले हो—-अग्रगण्य
  42. जो पराजित न किया सके—-अपराजेय (UKPCS.:2006)
  43. जो पढ़ा न जा सके—–अवाच्य, अपठनीय
  44. अन्य भाषा में परिणति—-अनुवाद, रूपान्तरण
  45. अधिक बढ़ा-चढ़ा कर कहना—-अतिशयोक्ति, अतियुक्ति (BEd.:03)
  46. आगे बढ़कर अभ्यर्थना करना—-अगवानी
  47. जिसका परिहार (त्याग) न हो सके/जिसको छोड़ा न जा सक— अपरिहार्य (UPPCS.:97.BEd.:05:07. Low Sub.:06)
  48. जिसका अनभव किया जा चुका हो—–अनुभूत
  49. जो पहले दे दिया जाय—अग्रिम
  50. जो सबके आगे रहता हो——अग्रणी
  51. जिसका जीतने वाला कोई शत्रु न जन्मा हो/ जिसका कोई शत्रु न हो ——अजातशत्रु (UKPCS.:04, RAS:90:91, UPPCS: 93: 95:03:04:08 , APO:82, Upper Sub.:88:07. Low Sub.:02 BPSC:81:05)
  52. जिसके पास कुछ न हो।—-अकिंचन (RAS.:87)
  53. जो कानून के प्रतिकूल हो/जो विधि के विरुद्ध हो —-अवैध, अविधिक (UPPCS:94:02,IAS.:05:07:08)
  54. जो प्रमाण से सिद्ध न हो सके—–अप्रमेय
  55. जो तौला या नापा न जा सके——अपरिमेय
  56. जो समय पर न हो——-असामयिक (UPPCS.:94:96:98:00)
  57. जो अवश्य होने वाला हो—–अवश्यम्भावी (APO.:04:07, UPPCS:94)
  58. जिसका विवाह न हुआ हो —–अविवाहित (IAS.:95:01:05)
  59. जिसे भुलाया न जा सके——अविस्मृति
  60. जो व्यवहार में न लाया गया हो—-अव्यवहृत
  61. जो शोक करने योग्य न हो——अशोच्य
  62. जो नहीं हो सकता ——- असम्भव
  63. जिसमें सामर्थ्य न हो —— असमर्थ
  64. जो सबके अन्तः करण की बात जानने वाला हो —–अन्तर्यामी (MPPCS.:90)
  65. जिसका इलाज न हो सके—-असाध्य (RO.:2013)
  66. अहंकारपूर्वक अपने को सबसे बढ़कर समझना —–अहंमन्यता
  67. जिसमें किसी का कोई हेतु या कारण न हो ——-अहैतुक
  68. जो नया न हो——–अनूतन
  69. किसी कार्य के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता ——अनुदान (UKPCS.:2004)
  70. किसी और स्थान पर——-अन्यत्र
  71. जिसका मन किसी दूसरी ओर लगा हो ——अन्यमनस्क
  72. जिस पर अपकार किया गया हो——अपकृत
  73. आवश्यकता से अधिक धन को ग्रहण न करना ——अपरिग्रह
  74. सामान्य या व्यापक नियम के विरुद्ध ——–अपवाद
  75. व्यर्थ/अनुचित खर्च करने वाला——अपव्ययी (RAS.:96:98,UPPCS.:98:06:07:09)
  76. जिसका अंग दुरुस्त न हो——-अपांग, विकलांग
  77. जिसके पार की वस्तु को न देखा जा सके —–अपारदर्शी
  78. जो पहले न हुआ हो—-अपूर्व
  79. जो अभी प्रकाश में न आया हो या जिसका प्रकाशन न हुआ हो—– अप्रकाशित
  80. जिसकी पहले से कोई आशा न हो—–अप्रत्याशित (UPPCS.:08.APO:08:09)
  81. जिसमें कोई बाधा या रोक-टोक न हो——अबाध
  82. पुरुष जो अभिनय करता हो—–अभिनेता (MPSC:84)
  83. स्त्री जो अभिनय करती हो——अभिनेत्री
  84. जो किसी अल्पवयस्क या अनाथ बच्चे की देखरेख करता हो —– अभिभावक
  85. जो भेदा या तोड़ा न जा सके—–अभेद्य (Low Sub.:98)
  86. छहः महीने में एक बार होने वाला——–अर्धवार्षिक
  87. जो इस लोक में संभव न हो——अलौकिक
  88. जिसका अस्तित्व अल्पकाल तक रहे—-अल्पकालिक
  89. जिसे मारना उचित न हो—-अवध्य
  90. जिसका जन्म छोटी जाति (निचले वण) में हुआ हो ——अंत्यज (RO.:2013)
  91. किसी पद्य के अंतिम अक्षर से नया पद्य आरम्भ करने का खेल —– अंत्याक्षरी
  92. तर्क के बिना मान लिया गया विश्वास ——-अंधविश्वास
  93. अपने अंश या हिस्से के रूप में कुछ देना या किसी कार्य में योग देना — अंशदान
  94. जिसमें काँटे या विघ्न-बाधा न हो——अकंटक
  95. जो अभी-अभी उत्पन्न हुआ हो—–अद्यःप्रसूत (UPPCS.:07)
  96. जिसमें कुछ करने की क्षमता न हो—–अक्षम
  97. जिसको क्षमा न किया जा सके——अक्षम्य (Low Sub.:02)
  98. जो न जाना जा सके——–अज्ञेय (Upper Sub.:88:01,UPPCS.:01)
  99. जो कुछ न जानता हो——-अज्ञ, अज्ञानी (UPPCS:94:99:05, Bed.:02)
  100. जो न जाना गया हो—–अज्ञात
  101. जो गिना न जा सके—–अगणित, अनगिनत
  102. जिसके अंदर या पास न पहुँचा जा सके ——अगम्य
  103. जो कार्य-रूप में न लाया जा सके——अव्यावहारिक
  104. जिस स्त्री के पुत्र और पति न हों—-अवीरा
  105. कम बोलने वाला——-अल्पभाषी, मितभाषी (UPLow Sub.:98,APO:88,UPPCS:98, RAS.:85:92:95: 99: 06 :07: 08)
  106. थोड़ा जानने वाला—–अल्पज्ञ (RAS.:03:05:07.MPPCS:84)
  107. जो प्राप्त न हो सके—-अप्राप्त, अप्राप्य
  108. जिसका कभी अन्त न हो—–अनन्त (UPPCS.:01:04. BEd.:06:10)
  109. जिसके माँ-बाप न हों—-अनाथ (IAS:93:95:97:00:03)
  110. अविवाहित महिला——अनूढ़ा
  111. कमर के नीचे पहने जाने वाला वस्त्र ——अधोवस्त्र
  112. दूसरे की विवाहित स्त्री—–अन्योढ़ा
  113. वह भाई जो अन्य माता से उत्पन्न हुआ हो। ——–अन्योदर
  114. जिसके समान कोई दूसरा न हो——-अद्वितीय (IAS:90:93:95. UPPCS:95)
  115. सूर्योदय से पूर्व का समय——अरुणोदय
  116. जिसका कोई काट (खण्डन) न हो सके —–अकाट्य
  117. जिस पर मुकद्दमा चल रहा हो/ जिस पर अभियोग लगाया गया हो — अभियुक्त (UPPCS:9400:03.APO.:01: 05 :07:09. IAS.:05:07:09)
  118. अभियोग लगाने वाला—–अभियोगी
  119. जो सीमित न हो——-असीमित
  120. जिसकी कोई सीमा न हो——-असीम (IAS.:04:07.UPPCS.:2000:01)
  121. जो हथियार फेंककर चलाया जाता है ——अस्त्र
  122. जो दिया न जा सके——-अदेय
  123. आत्मा व परमात्मा का द्वैत (अलग-अलग होना) न मानने वाला —– अद्वैतवादी
  124. जिसका दमन न किया जा सके——-अदम्य
  125. जिसका आदर न किया गया हो——-अनादृत
  126. अवसर के अनुरूप बदल जाने वाला ——–अवसरवादी
  127. जिसके आने की कोई तिथि न हो——अतिथि (IAS.:95. UPPCS.:03:07)
  128. पहाड़ का ऊपरी भाग——-अधित्यका
  129. अनुकरण करने योग्य——-अनुकरणीय
  130. जिसका नाश न हो———अनाश्य
  131. जो वस्तु चलने वाली न हो—-अचर
  132. जो वस्तु एक ही स्थान पर रहे—-अचल
  133. जिसे भुलाया न जा सके——- (IAS:90:92:96:03:05)
  134. जिसकी उपमा न हो——-अनुपम, अनुपमा (UPPCS.:06.IAS.:02:06:07)
  135. जो मानव के योग्य न हो——-अमानुषिक, अमानवीय
  136. जिसका अनुभव इन्द्रियों द्वारा न हो सकता हो ——अतीन्द्रिय
  137. जिसकी तुलना न की जा सके——–अतुलनीय
  138. जो दण्ड पाने योग्य न हो——अदंडनीय
  139. राज्य द्वारा निकाला गया आधिकारिक आदेश ——–अध्यादेश
  140. वह जो विद्याथियों को पढ़ाने का कार्य करता है ——–अध्यापक
  141. जिसका एक के बिना किसी दूसरे से संबंध न होता हो। —– अनन्य
  142. जो बात सुनी न गयी हो——अनसुनी
  143. आग से झुलसा हुआ——-अनलदग्ध
  144. बिना प्रयास किये—-अनायास
  145. कनिष्ठा और मध्यमा के बीच की उँगली ———अनामिका
  146. जो किसी वस्तु या विषय में आसक्त न हो ——अनासक्त
  147. जिसे बुलाया न गया हो, जो बिना बुलाये आया हो——– अनाहूत (IAS:93:95, UPPCS:94:99:05:07)
  148. जिस पर कोई नियंत्रण न हो——अनियंत्रित
  149. जो नियमानुकूल न हो—–अनियमित
  150. जो डिगाया न जा सके—–अडिग
  151. जिसका निर्णय न हुआ हो—अनिर्णीत
  152. जिसका वचन या वाणी द्वारा वर्णन न किया जा सके/जिसे वाणी व्यक्त न कर सके—- अनिर्वचनीय, अवर्णनीय (IAS.:89, UPPCS.:03)
  153. पलक को बिना झपकाए—–अनिमेष, निर्निमेष
  154. जिसे शब्दों में नहीं कहा जा सके—–अकथनीय (UPPCS.:04:11)
  155. जो कहा न गया हो—–अकथित
  156. जिसका निवारण न हो सकता हो——असाध्य (UPPCS.:94.BEd.:06:10)
  157. जो भोजन रोगी के लिए निषिद्ध है—–अपथ्य
  158. जिसके पास कुछ न हो—–अकिंचन, दरिद्र
  159. जिसके आदि (प्रारम्भ) का पता न हो ——-अनादि
  160. जिसे किसी बात का पता न हो।——-अनभिज्ञ, अज्ञ
  161. जो अनुकरण करने योग्य हो—–अनुकरणीय (APO:88)
  162. किसी के पीछे-पीछे चलने वाला/जो पीछे चलता हो—– अनुचर,अनुगामी,अनुयायी (IAS:92:93. BEd.:07)
  163. पहले लिखे गए पत्र का अनुस्मरण——अनुस्मारक
  164. पहाड़ के ऊपर की समतल जमीन—–अधित्यका
  165. जिसका कोई दूसरा उपाय न हो——-अनन्योपाय
  166. जिसके हस्ताक्षर नीचे अंकित हैं——-अधोहस्ताक्षरकर्ता
  167. जिस वस्त्र को पहना न गया हो——–अप्रहत
  168. जो बिना माँगे मिल जाए——अयाचित
  169. जिस पर अनुग्रह किया गया हो——अनुगृहीत (UPPCS.:94.BEd.:07:10)
  170. नजदीक आने वाला——-अभिगामी
  171. जिसका कभी विनाश न हो——अविनाश, अविनाशी
  172. जो किसी वस्तु या व्यक्ति के प्रति आसक्त हो ——–अनुरक्त
  173. किसी कथा के अंतर्गत आने वाली कोई दूसरी कथा ——- अंतःकथा
  174. राजभवन के अन्दर महिलाओं का निवास —— अंतःपुर
  175. अन्न की अधिष्ठात्री देवी——-अन्नपूर्णा
  176. एक-एक अक्षर——अक्षरशः
  177. जिसे छुआ न गया हो——–अछूता
  178. जो हिसाब किताब की जाँच करता हो ——-अंकेक्षक (MPPCS:82)
  179. बहुत कम बरसात होना——-अल्पवृष्टि
  180. बिल्कुल बरसात न होना——-अनावृष्टि
  181. आवश्यकता से अधिक बरसात—–अतिवृष्टि
  182. रूप के अनुसार——अनुरूप (UPPCS:79)
  183. सोच-समझकर कार्य न करने वाला——अविवेकी (UPPCS.:03:07,RAS:98)
  184. कमर के नीचे पहले जाने वाला वस्त्र ——-अधोवस्त्र
  185. जिस पुस्तक में आठ अध्याय हों——-अष्टाध्यायी
  186. जो पहले कभी घटित न हुआ हो—–अघटित (IAS:92)
  187. जिसकी परिभाषा देना संभव न हो——-अपरिभाषित (IAS:92,BEd.:03:05)
  188. जिसमें शक्ति न हो——-अशक्त, निर्बल
  189. जो समान न हो——असमान
  190. जिसका विभाजन न किया गया हो——अविभक्त
  191. जो परिणय सूत्र में न बँधा हो——-अपरिणीत
  192. जिस वस्त्र को पहना नहीं गया हो——अप्रहत
  193. विकृत शब्द/बिगड़ा हुआ शब्द—–अपभ्रंश (UPPCS:98)
  194. जिसके अन्दर प्रशंसा करने की योग्यता न हो —–अप्रशस्त
  195. न करने योग्य——अकरणीय
  196. बिना पलक गिराये/झपकाये—–अपलक, अनमेष
  197. मास के किसी पक्ष की आठवीं तिथि —— अष्टमी
  198. मास के किसी पक्ष की पन्द्रहवीं तिथि———अमावस्या
  199. अंक (गोद) में सोने वाली स्त्री—–अंकशायिनी
  200. अंक (गोद) में सोने वाला पुरुष——अंकशायी
  201. अंक (गोद) में स्थान पाया हुआ——-अंकस्थ
  202. बिना देख-रेख का जानवर——–अनेर
  203. जिसे अधिक बकवास करना न आता हो —–अप्रगल्भ
  204. जो विश्वास करने योग्य (लायक) न हो ——–अविश्वसनीय (UPLow Sub.:90)
  205. जो दोहराया न गया हो——-अनावर्त
  206. जो बिल्कुल खुला हो ।—–अनावृत्त
  207. जिसका जन्म निम्न वर्ण में हुआ हो। ——–अंत्यज
  208. जिसका किसी भी प्रकार उल्लंघन नहीं किया जा सके —— अनुलंघनीय (UPLow Sub.:06)
  209. जो न जाना गया हो——अनवगत
  210. वह स्त्री जिसका पति दूसरा विवाह कर ले। ——अध्यूढ़ा
  211. जो अभी तक न आया हो——अनागत (IAS.:92, BEd.:01)
  212. जिसका कोई दूसरा उपाय न हो——अनन्योपाय
  213. जिसकी अपेक्षा व चाह न हो।—–अनपेक्षित
  214. जिसका आदर न किया गया हो——अनादृत
  215. किसी मत या प्रस्ताव को समर्थन करने की क्रिया ——- अनुमोदन
  216. जिसका कोई निश्चित मत या सिद्धान्त न हो ———अनिकेतु
  217. नीचे की ओर लाना या खींचना——अपकर्ष
  218. मूल्य घटाने की क्रिया——–अवमूल्यन (IAS.:92. BEd.:07:08)
  219. जो किसी की ओर मुँह किया हो——-अभिमुख
  220. नीचे की ओर मुँह किये हुए——अधोमुख
  221. वास्तविक मूल्य से अधिक लिया जाने वाला शुल्क ——-अधिशुल्क
  222. वह पत्र जिसमें किसी को कोई काम करने का अधिकार दिया जाय । —- अधिपत्र
  223. अधिकार या कब्जे में आया हुआ—–अधिकृत (UKPCS.:04)
  224. अध्ययन (पढ़ने) वाला——-अध्येता
  225. सर्वाधिक सम्पन्न शासक या अधिकारी——अधिनायक
  226. एक व्यक्ति की शासन सत्ता——अधिनायकवाद
  227. सीमा का अनुचित उल्लंघन करना—–अतिक्रमण
  228. जो दबाया न जा सके——-अदभ्य
  229. जो देखने योग्य न हो——–अदर्शनीय
  230. जो पहले न देखा गया हो—-अदृष्टपूर्व
  231. अधिकारी जो अपने अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों की निगरानी रखे —— अधीक्षक
  232. जिसका अनुभव किया गया हो——-अनुभूत
  233. जिसका उच्चारण न किया जा सके ——-अनुच्चारित
  234. परम्परा से चली आई हुई बात, उक्ति या कथा ——-अनुश्रुति
  235. जो पहले कभी नहीं सुना गया——–अनुश्रुत (UPLow Sub.:02)
  236. किसी वस्तु का भीतरी भाग——-अभ्यन्तर
  237. किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा। —–अभीप्सा
  238. न हो सकने वाला——-अशक्य
  239. जिसका जन्म अण्डे से हो——अण्डज (APO.:97.BEd.:03:08)
  240. जो विधान या नियम के विरुद्ध हो——-असंवैधानिक
  241. गुरु के समीप या साथ रहने वाला विद्यार्थी——अन्तेवासी (UPPCS:94:04.BEd.:08:10:15)
  242. किसी शुभ कार्य को विधि विधान से करना——अनुष्ठान
  243. जो थके नहीं, लगातार कार्य करने वाला ———अथक
  244. जो व्यय न किया जा सके——-अव्यय (UPLow Sub.:2006)
  245. जिसका उत्तर न दिया गया हो——-अनुत्तरित(Lov Sub.:06. UPPCS.:11:16)
  246. जिसका आदि और अन्त न हो——–अनद्यन्त, शाश्वत्
  247. जिसकी बाँहें घुटने या जाँघो तक हो——-अजानुबाहु
  248. जो बदला न जा सके——–अपरिवर्तनीय (Low Sub.:90)
  249. अपराधों से संबंधित——-अपराधिक
  250. आदेश जो निश्चित अवधि तक लागू हो——अध्यादेश
  251. वह सूचना जो सरकार की ओर से जारी हो —-अधिसूचना
  252. विधायिका द्वारा स्वीकृत नियम——अधिनियम

आ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो इधर-उधर से घूमता-फिरता आ जाए ——– आगन्तुक (UPPCS.:92. IAS.:90)
  2. जो आदर करने योग्य हो ——- आदरणीय (IAS:90:95:99:07)
  3. आशा से अधिक, जिसकी आशा न की गई हो —– आशातीत (Upper Sub.:83, Low Sub.:03)
  4. जिसकी सारी कामनाएं पूरी हो गई हों ——- आप्तकाम
  5. ऋषि-निर्मित अथवा कथित ——— आर्ष
  6. जो भविष्य के प्रति आशावान हो —– आशावादी
  7. अपने जीवन का स्वलिखित इतिहास ——- आत्म-कथा
  8. आश्रय देने वाला ——– आश्रयदाता
  9. आलोचना करने वाला ———– आलोचक (Upper Sub Exam.:80)
  10. आदि से अन्त तक———–आद्योपान्त, आद्यन्त (UPPCS:84, IAS.:92:02:07)
  11. भगवान के सहारे अनिश्चत आय —– आकाशवृत्ति
  12. जो परम्परा से सुना हुआ हो ——— आनुश्राविक
  13. आकाश में गमन (विचरण) करने वाला ——- आकाशगामी
  14. अकाश में उड़ने वाला —— आकाशचारी
  15. जन्म भर ——- आजन्म, जन्म पर्यन्त
  16. जो अपनी हत्या आप करे —– आत्मघाती, आत्महन्ता
  17. जो अपने पैरों पर खड़ा हो —— आत्म-निर्भर (UPPCS:90:92:96)
  18. सिर से पैर तक ———- आपादमस्तक
  19. आभार मानने वाला ——– आभारी (RAS.:05:08.UPPCS:07)
  20. जो किसी वंश में बराबर चलता आया है —– आनुवांशिक
  21. मरते दम तक ——- आमरण
  22. प्राणियों के पेट की वह थैली जिसमें भोजन पचता है —- आमाशय
  23. जिस पर आक्रमण हुआ हो —– आक्रांत (UPPCS:2015)
  24. एक देश द्वारा दूसरे देशों से वस्तुओं का मँगाया जाना——- आयात
  25. वह जो दूसरे देशो से वस्तुओं का आयात करता हो ——- आयातक
  26. आयोजन करने वाला व्यक्ति——आयोजक
  27. धन से सम्बन्धित——आर्थिक
  28. जो किसी वस्तु या व्यक्ति के गुण-दोष की आलोचना करता हो —– आलोचक (Upp Sub.:04:06)
  29. जो आलोचना के योग्य हो——आलोच्य
  30. किसी अवधि से सम्बंध रखने वाला——–आवधिक
  31. वह कवि जो तत्काल/तत्क्षण कविता कर सकता हो —— आशुकवि (UKPCS:06:12:15)
  32. वह क्लर्क जो आशुलिपि (शार्ट हैंड) जानता है ——–आशुलिपिक
  33. जिसे विश्वास या दिलासा दिलाया गया हो ——–आश्वस्त
  34. दूसरे के (सुख के) लिए अपने सुखों का त्याग ——-आत्मोत्सर्ग
  35. यह सिद्धान्त कि मनुष्य को सदा किन्हीं आदर्शों का पालन करते रहना चाहिए —– आदर्शवाद
  36. किसी मत का सर्वप्रथम प्रवर्तन करने वाला ——–आदि प्रवर्तक
  37. जो स्वयं का मत मानने वाला हो——-आत्मभिमत (UPPCS.:2011)
  38. किसी देश के वे निवासी जो बहुत पहले से वहाँ रहते आ रहे हैं —— आदिवासी
  39. अधिकारपूर्वक कहा गया या किया गया ———आधिकारिक
  40. दैव अथवा प्रकृति द्वारा होने वाला (दुःख) ——–आधिदैविक
  41. भूतों अर्थात् जीवों द्वारा होने वाला (दुःख) ——–आधिभौतिक
  42. किसी वस्तु को आधुनिक रूप देने की क्रिया —-आधुनिकीकरण
  43. अकस्मात् या एकाएक घटित होने वाला ———आकस्मिक
  44. आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी————–आकाशवाणी
  45. आँतों में होने वाला——–आंत्रिक
  46. आकाश को चूमने वाला—-आंकाशचुंबी, गगनचुंबी
  47. जिस पर आक्रमण हो——आक्रान्त
  48. आक्रमण करने वाला——-आक्रमणकारी
  49. वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो ——-आगतपतिका
  50. वह स्त्री जिसका पति परदेश से आने वाला हो –आगमिस्यतपतिका
  51. अग्नि से संबंधित या आग का——आग्नेय
  52. पूरे जीवन में—–आजीवन
  53. जो ईश्वर को मानता हो——-आस्तिक UPPCS.:08, BPSC.:83:85:01:02:04:05:07. UKPCS.:2004)
  54. जिस पर किसी का आतंक छाया हो—-आतंकित
  55. आत्मा और ईश्वर से सम्बन्ध रखने वाला ——-आध्यात्मिक
  56. अतिथि की सेवा करने वाला——आतिथेयी (UKPCS.:2006)
  57. अतिथि सत्कार की भावना——–आतिथेय (UPPCS.:2016)
  58. अपने आप को किसी के हाथ सौंपना या समर्पित करना —–आत्मसमर्पण
  59. ऐसा व्रत जो मरने पर ही समाप्त हो ——–आमरण व्रत
  60. ऐसा अनशन जो मरने पर ही समाप्त हो ——आमरण अनशन
  61. किसी अवधि से संबंध रखने वाला——आवधिक
  62. जिसके अहंकार का नाश हो गया हो—–आन्तगर्व
  63. जन्म लेते ही मर जाना——आदण्डपात
  64. अत्याचार करने वाला——-आततायी
  65. बालक से वृद्ध तक——आबालवृद्ध
  66. जड़ से चोटी तक——आमूलचूल
  67. जन्म लेना और मरना—-आवागमन
  68. भगवान के सहारे अनिश्चित आय—–आकाशवृत्ति (UKPCS.:2002)
  69. वह जो अपने आचार से पवित्र है——आचारपूर्ण
  70. जो परम्परा से सुना हुआ हो——–आनुश्राविक (UKPCS.:2011)
  71. अपने को धोखा देना——आत्मवंचना
  72. अपने को धोखा देने वाला—-आत्मवंचक
  73. ऊपर चढ़ने वाला—–आरोही
  74. कार्य को नए ढंग से करने की पद्धति —–आधुनीकरण

इ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो इन्द्रियों को वश में कर ले——इन्द्रिय-निग्रहवान (Upper Sub. :88)
  2. इतिहास जानने वाला—–इतिहास-विद्, इतिहासविज्ञ, इतिहासकार (Upper.Sub.:99:01:04:07)
  3. प्रायः वर्षा ऋतु में आकाश में दिखायी देने वाले सात रंगो वाले धनुष —- इंद्रधनुष
  4. इंद्रियों को वश में रखने वाला, जो इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर चुका हो ——–इंद्रियजित, जितेन्द्रिय (TET.:2011)
  5. इंद्रियों पर किया जाने वाला वश——-इंद्रियानिग्रह
  6. इन्द्रियों से परे, इन्द्रियों के पहुँच के बाहर ————इन्द्रियाती(UPPCS:96:97:99:03:07)
  7. अपनी इच्छा के अनुसार सब काम करने वाला ——-इच्छाचारी
  8. किसी चीज या बात की इच्छा रखने वाला ——-इच्छुक
  9. किन्हीं घटनाओं का कालक्रम से किया गया वृत्त ——-इतिवृत्त
  10. किसी देश या समाज के सार्वजनिक क्षेत्र की घटनाओं, तथ्यों आदि का क्रमबद्ध विवरण —– इतिहास
  11. इमारत के लिए या इमारत से सबंधित —–इमारती
  12. जो इच्छा के अधीन है——इच्छाधीन, ऐच्छिक
  13. इतना की पर्याप्त है—-इत्यलम

ई [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जिसकी ईप्सा की गई हो ——— ईप्सित
  2. जो दूसरों की उन्नति देखकर जलता हो——– ईर्ष्यालु
  3. दूसरों की उन्नती को न देख सकना ——- ईर्ष्या
  4. पूरब और उत्तर के बीच की दिशा——- ईशान कोण (IAS.:89:96:00:01:03:05)

उ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो ऊपर कहा गया है —– उपर्युक्त
  2. जो किसी नियम का पालन न करे ——- उच्छृखल
  3. खाने से बचा हुआ जूठा भोजन —- उच्छिष्ट
  4. उपकार करने वाला —– उपकारी (UPPCS:92:96:01:05)
  5. जिस पर किसी काम का उत्तरदायित्व हो । —– उत्तरदायी
  6. किसी के बाद उसकी संपत्ति या पद को ग्रहण करने वाला व्यक्ति —– उत्तराधिकारी (RAS:87)
  7. जिससे बढ़कर ऊँचा कोई न हो —- उच्चतम
  8. जो सब कुछ उदारता से देना जानता है —– उदारमना (UPPCS.:2004)
  9. बहुत आगे बढ़ जाने की आकांक्षा —– उच्चाकांक्षा
  10. जो भूमि उपजाऊ हो —- उर्वरा
  11. जिसका उल्लेख करना आवश्यक हो —- उल्लेखनीय
  12. सूर्योदय/अरुणोदय से पहले का समय —- उषाकाल, ब्रह्ममुहूर्त
  13. ऊपर आने वाला श्वास —– उच्छ्वास
  14. नीचे की ओर आना या जाना —- उतरना
  15. ऊपर की ओर उछाला या फेंका हुआ —– उत्क्षिप्त
  16. वह वस्तु जिसका उत्पादन हुआ हो —– उत्पाद
  17. सूर्य जिस पर्वत के पीछे निकलता है —- उदयाचल
  18. जिस पर उपकार किया गया हो —– उपकृत (UPPCS.:2016)
  19. उपहास के योग्य —– उपहासास्पद
  20. जल स्थल दोनों जगह रहने वाला प्राणी —– उभयचर
  21. जिसने ऋण चुका दिया हो —– उऋण (BPSC:79, RAS:94)
  22. निरन्तर ऊँचे उठने की इच्छा —– उदीषा
  23. पर्वत के नीचे तलहटी की भूमि —– उपत्यका (RAS.:96:03:07)
  24. ऊँचे स्वर से उच्चारण किया हुआ —– उर्बोच्चारित (UPPCS:98:2000)
  25. जो परीक्षा में पास हो गया हो —– उत्तीर्ण
  26. जिसका हृदय उदार हो ——- उदार-हृदय
  27. जो उदार-वृत्ति का हो —– उदार चेता
  28. जो धरती फोड़कर जन्मता है —— उद्भिज (Low Sub.:2002)
  29. जो छाती/पेट के बल चलता है—– उरग, सर्प (Low Sub.:2006)
  30. खाने से बचा हुआ जूठा भोजन——उच्छिष्ट
  31. जिसका उल्लेख किया गया हो——उल्लिखित

ऊ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जिसका जन्म गर्मी में हुआ हो——-ऊष्मज
  2. ऊपर की ओर जाने वाला———-ऊर्ध्वगामी
  3. जिस भूमि में कुछ उत्पन्न न होता हो—-ऊसर
  4. जिसने अपने वीर्य को कपाल में चढ़ा लिया हो —–ऊर्ध्वरेता

ए [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. एक ही आदमी का अधिकार—— एकाधिकार (UPPCS:92:97,RAS:98:99:01)
  2. जिसका चित्त एक ही विषय में लगा हो —– एकाग्रचित्त
  3. मास के किसी पक्ष की ग्यारहवीं तिथि —— एकादशी
  4. जिसका सम्बंध किसी एक देश से हो ——- एकदेशीय
  5. किसी एक पक्ष से सम्बंध रखने वाला ——- एक पक्षीय
  6. जहाँ कोई दूसरा न हो। —– एकान्त
  7. अन्य से सम्बन्ध न रखने वाला —– एकान्तिक (UPPCS.:2012)
  8. जो दिन में एक बार भोजन करता हो —- एकभुक्त
  9. एक बार में दिया हुआ—–एक मुश्त

ऐ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. इतिहास से सम्बंधित —– ऐतिहासिक
  2. इस लोक से सम्बंध रखने वाला —- ऐहलौकिक, ऐहिक
  3. इंद्रियों से सम्बंधित —- ऐंद्रिक
  4. जो अपनी इच्छा पर निर्भर हो —- ऐच्छिक
  5. इन्द्र का सफेद हाथी—– ऐरावत

ओ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. विश्व के देशों की खेल प्रतियोगिताएँ —– ओलम्पिक
  2. जो ओज एवं तेज से परिपूर्ण हो —— ओजस्वी
  3. जो आँखों से दूर हो जाए —— ओझल
  4. जो खाने योग्य हो —– ओदनीय
  5. जो किसी पद पर हो—— ओहदेदार

औ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. अपनी विवाहिता पत्नी से उत्पन्न (पुत्र) ——औरस (APO.:94:97:99:03)
  2. जिसका सम्बंध उपनिवेश या उपनिवेशों से है —–औपनिवेशिक
  3. जिसका सम्बंध उपन्यास से हो—–औपन्यासिक
  4. उपचार या ऊपरी दिखावे के रूप में होनेवाला ——औपचारिक
  5. जिसका उपनिषद् से सम्बंध हो——औपनिषदिक
  6. जो सब कुछ उदारता से देना जानता है ——औदार्यदाता (UPPCS.:2004)

क [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो कल्पना से परे हो——कल्पनातीत (IAS.:90,BPSC:03:06:08)
  2. जो काल से परे हो ।——-कालातीत (IAS.:92)
  3. जिस स्त्री की शादी न हई हो —– कुमारी
  4. जिस पुरुष का ब्याह न हुआ हो, जिसने अभी विवाह न किया हो—-कुमार, कुँवारा (IAS:95)
  5. दुराचारिणी स्त्री——कुलटा
  6. भय-शोकादि के कारण कर्तव्य-ज्ञान से रहित, जिसे कर्तव्य न सूझ रहा हो, अपने कर्तव्य का निर्णय न कर सकने वाला—- किंकर्तव्य-विमूढ़ (UPPCS.:2000, BEd.:01, Low Sub.:04)
  7. भय, भूख-प्यास से घबराया हुआ—–कातर, अधीर
  8. पद, आयु आदि के विचार से औरों की अपेक्षा छोटा ——कनिष्ठ
  9. जो किये जाने या करने योग्य हो । ——-करणीय, कर्तव्य
  10. कान का नीचे लटकता हुआ कोमल भाग ——कर्णपाली
  11. सुन्दर और बड़े बालों वाली (स्त्री) ——–केशिनी
  12. केश के बालों को सजाने-सँवारने का काम ——–केशविन्यास
  13. ठीक अपने क्रम से आया हुआ——क्रमागत
  14. तांत्रिक जो अपने हाथ में कपाल (खोपड़ी) लिए रहते हैं —– कापालिक
  15. जहाँ अपराधी रखे जाते हैं——कारागार, जेल
  16. कारागार से संबंध रखने वाला ——कारागारिक
  17. कार्य करने वाला व्यक्ति——–कार्यकर्ता
  18. किन्हीं निश्चित कार्यों के निर्वाह के लिए बनाई गई समिति —- कार्य समिति
  19. लेखन अति उत्तम होना——-****(UP Police SI.:2002)
  20. कठिनाई से होने वाला——कष्टसाध्य
  21. नियम विरुद्ध या निंदनीय कार्य करने वालों की सूची —– कालीसूची
  22. वह बात या कथा जो जन साधारण में प्रचलित हो ——किंवदन्ती
  23. जिसकी अब कीर्ति शेष रह गयी हो——कीर्तिशेष
  24. अपने ही कुल का नाश करने वाला व्यक्ति ——-कुलांगार
  25. जो अच्छे या ऊचे कुल में उत्पन्न हुआ हो ——कुलीन
  26. जिसकी बुद्धि कुशा की नोक के समान तीखी हो ——-कुशाग्रबद्धि*
  27. व्यक्ति जिसका ज्ञान अपने ही स्थान तक सीमित हो,जिसे बाहरी जगत का ज्ञान न हो —- कपमंडक** (UKPCS:2006)
  28. इच्छानुसार रूप धारण करने वाला——कामरूप
  29. जो मोल लिया हुआ हो—–क्रीत (RAS.:98.APO.:07:10)
  30. लाल कमल ——कोकनद
  31. किये हुए उपकार को भूल जाने वाला—-कृतघ्न, एहसान फरामोश (UPLow Sub.:02. RAS:91:97. UPPCS:93: 75 .APO:88, Asst. Grad exam.:88)
  32. किये हुए उपकार को मानने वाला,किये गये उपकार के प्रति आभार व्यक्त करने वाला —–कृतज्ञ (UPPCS:95: 07. MPPCS:86, Upper Sub.:83:93:99:04, Low Sub.:98)
  33. बुरी संगत में रहने वाला —- कुसंगी
  34. जो अपना उद्देश्य सिद्ध होने पर संतुष्ट हो । —–कृतार्थ
  35. जिसकी उत्पत्ति स्वभावगत न हो——कृत्रिम
  36. अँधेरी रातों वाला पखवारा——-कृष्णपक्ष
  37. जो केन्द्र से हटकर दूर जाता हो—–केन्द्रापसारी
  38. जो केन्द्र की ओर उन्मुख होता हो —-केन्द्राभिमुख, केन्द्राभिसारी
  39. किसी वस्तु को देखने अथवा सुनने की प्रबल इच्छा ——–कुतूहल, कौतूहल
  40. फूल जो अभी खिला न हो——कली
  41. स्त्री जो कविता रचती है——–कवयित्री (Low Sub.:2003)
  42. वह पुरुष जो कविता या काव्य की रचना करता है ——कवि
  43. जिसका कोई कसूर हो——-कसूरवार
  44. सारे शरीर की हड्डियों का ढाँचा ——-कंकाल
  45. जो पथ काँटों या बाधाओं से भरा हो ——-कंटकाकीर्ण
  46. जो कहा गया हो——-कथित
  47. जो कर्त्तव्य से च्युत हो गया हो——-कर्त्तव्यच्युत (Upper Sub.:83)
  48. जो कला जानता है या कला की रचना करता है ——-कलाविद्, कलाकार ।
  49. जो व्यक्ति कटु बोलता है——-कटुभाषी
  50. कमल के समान आँख वाली——–कमलनयनी
  51. क्रम के अनुसार——-क्रमानुसार
  52. किसी विचार / निर्णय को कार्य रूप देना ———कार्यान्वयन
  53. कठिनाई से पैसे निकालने वाला——कृपण
  54. दस साल की कुमारी——–कन्या
  55. दस से पन्द्रह वर्ष की लड़की——किशोरी
  56. शारीरिक या मानसिक पीड़ा——कष्ट
  57. छोटों की सहायता करना——कृपा
  58. दूसरे का दुःख देखकर हृदय भर आना ——–करुणा
  59. मन के अप्रिय भावों का सूचक——क्लेश
  60. किसी विशेष वस्तु की सामान्य इच्छा ——-कामना
  61. कुसंगति में पड़कर चरित्र पर दोष लगना ——-कलंक
  62. धन का देवता——कुबेर
  63. जिसकी गर्दन कबूतर की तरह (सुन्दर) हो । ——-कपोतग्रीवा
  64. जिसकी ग्रीवा शंख की तरह हो—–कात्बुग्रीवा
  65. जो अपने काम से जी चुराता हो—–कामचोर (MPPCS:86)
  66. जो पाप-पुण्य, हर्ष-विषाद से मुक्त शुद्ध स्वभाव वाला हो —— केवलात्मा
  67. जो अच्छे चाल-चलन का न हो—–कुचाली
  68. जैसे-तैसे समय काटना——–कालयापन
  69. मन गढन्त बात——कपोल कल्पित
  70. कार्य में संलग्न रहने वाला——कर्मठ
  71. जो कष्ट को सहन कर सके——कष्ट सहिष्णु
  72. बेलों आदि से घिरा हुआ सुरम्य स्थान —–कुंज
  73. वह नायिका जो कृष्ण पक्ष में अपने प्रेमी से मिलने जाती हो। —– कृष्णाभिसारिका
  74. आवश्यकता से न अधिक न कम——काफी
  75. जिसके पास करोड़ों रुपये हों——करोड़पति (BEd.:06,IAS:93:95)
  76. जो कम खर्च करने वाला हो——कंजूस, मितव्ययी (UPPCS.:04. APO.:03:07)
  77. राजनीतिज्ञों एवं राजदूतों की कला—– कूटनीति (MPPCS:86)

ख [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. किसी के घर की होने वाली तलाशी ——-खानातलाशी
  2. ऐसा जो अन्दर से खाली हो——खोखला
  3. जिसका कोई हिस्सा टूटकर अलग हो गया हो ——खंडित
  4. ऐसा पूर्ण ग्रहण जिसमें सूर्य या चन्द्र का पूरा बिम्ब ढक जाय — खग्रास (UPPCS:03)
  5. जो सदैव हाथ में तलवार लिए रहता हो —–खड़गहस्त
  6. जो आकश में चलता हो——–खेचर, नभचर
  7. जो भवन/घर गिर गया हो—–खंडहर (UPLow Sub.:90)
  8. जीवन के एक अंश को लेकर लिखा गया प्रबंधकाव्य ——-खण्डकाव्य
  9. आकाश में उड़ने वाला।——-खग
  10. जो खाया जा सके (जो खाने योग्य हो) ——खाद्य (UPPCS:79)

ग [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. आकाश चूमने वाला—— गगनचुम्बी, गगनस्पर्शी (Low Sub.:98,APO:82, UPPCS:98, RAS:90)
  2. संध्या काल जब गायें चरकर लौटती हैं, सन्ध्या और रात के बीच का समय —- गोधूलि (Upper. Sub.:83)
  3. जो बात छिपाई जाए—–गोपनीय (UPPCS.:96)
  4. गाँव से संबंधित——-ग्रामीण
  5. जो बदली हुई परिस्थितियों के अनुकूल अपने को बदल सके—- गतिशील, गत्यात्मक (Low Sub.:90)
  6. बहुत गप्पें हाँकने वाला—–गपोड़िया
  7. जो कठिनता से और देर से पचे——गरिष्ठ
  8. जिसके पेट में बच्चा हो——गर्भवती, गर्भिणी
  9. प्राचीन आदर्श के अनुकूल चलने वाला —–गतानुगतिक (जो लकीर का फकीर हो)
  10. हाथी का बच्चा——-गजशावक, कलभ
  11. जिसके सिर पर बाल न हो——गंजा
  12. गंगा और यमुना के जल के मेल की भाँति दो तरह के रंग का मेल —- गंगा-जमुनी
  13. गणित शास्त्र का जानकार—–गणितज्ञ
  14. जो किसी की गद्दी पर बैठा हो——गद्दीनशीन
  15. जो पहाड़ को धारण करता हो——गिरिधारी, श्रीकृष्ण
  16. गृह बसाकर रहने वाला——-गृहस्थ
  17. घर या देश के अन्दर की आपस के लोगों या दलों की लड़ाई —–गृहयुद्ध
  18. गंगा से सम्बंधित या गंगा से उत्पन्न । ——–गांगेय
  19. जिस पशु के पेट में बच्चा हो——-गाभिन
  20. जो कुछ भी बोल न सके —- गूंगा
  21. नये बनवाये घर में पहले-पहल होने वाला प्रवेश ——–गृहप्रवेश
  22. जिसका ज्ञान इन्द्रियों द्वारा हो सके, जो इन्द्रियों के ज्ञान में हो —- गोचर
  23. जिसका ज्ञान ज्ञन्द्रियों द्वारा न हो सके, जो इन्द्रियों के ज्ञान में न हो—- गोतीत (IAS.:93)

घ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जिसे देखकर घृणा उत्पन्न होती हो। ——-घृणित
  2. घृणा किये जाने योग्य——–घृण्य, घृणित, घृणास्पद
  3. अपने मन के भावों को गुप्त रखने वाला ——घुन्ना
  4. घाट पर बैठकर स्नान करने वालों से दान लेने वाला ब्राह्मण ——- घाटिया
  5. थोड़ी जगह में अधिक आदमियों या वस्तुओं का जमाव ——-घिचपिच
  6. किसी के इर्द-गिर्द घेरा डालने की क्रिया ——-घेराबन्दी
  7. जिसकी घोषणा की गयी हो।——-घोषित
  8. बहुत-सी घटनाओं का सिलसिला——घटनावली
  9. वह व्यक्ति जो दूसरों के घरों में फूट डालता हो —–घरफोड़ा
  10. घूस लेने वाला——-घूसखोर
  11. घास छीलने वाला——-घसियारा
  12. घुलने योग्य पदार्थ——घुलनशील

च [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो वस्तु एक ही स्थान पर न रहे——-चल
  2. जो जीव चलने वाले हों——चर
  3. सारे पृथ्वी का राजा ——चक्रवर्ती
  4. जिसके हाथ में चक्र (सुदर्शन) हो——चक्रपाणि, चक्रधारी (इनमें चक्रपाणि सर्वाधिक उपयुक्त है )
  5. जिसका चिंतन या जिसकी चिंता करना उचित हो ——-चिंतनीय
  6. आँखो को भाने (अच्छा लगने) वाला——-चक्षुष्य
  7. चिंता उत्पन्न करने वाला——–चिंताजनक
  8. चित्त को चुराने वाला——-चितचोर
  9. चिरकाल तक जीवित रहने वाला—–चिरंजीवी
  10. चिरकाल तक बना रहने वाला—–चिरस्थायी
  11. जो सदा से चला आ रहा हो——-चिरन्तन, शाश्वत (IAS.:89)
  12. जिस पर चिह्न लगाया गया हो—–चिह्नित (UPPCS:94)
  13. किसी को चेताने के लिए कही जाने वाली बात ——–चेतावनी
  14. चन्द्रमा की वह स्थिति जब उस पर पृथ्वी की छाया पड़ने से उसका कुछ या सारा भाग दिखायी नहीं देता –चंद्रग्रहण
  15. जिसके चूड़ा (बालों) में चंद्रमा है—–चंद्रचूड़
  16. ब्याज का वह प्रकार जिसमें मूल ब्याज के ब्याज पर भी ब्याज लगता है —- चक्रवृद्धि
  17. जिस (देवता) की चार भुजाएँ हैं——चतुर्भुज
  18. जिनके चार-चार पैर होते हैं ——चतुष्पद, चौपाया (APO.:96)
  19. जिसके सिर पर चन्द्रमा (चन्द्र) है——चंद्रशेखर (UPPCS.:99. RO.:13)
  20. जो चक्र को धारण करता है——चक्रपाणि, चक्रधर, चक्रधारी
  21. कमल के समान (सुन्दर) चरण——चरणकमल
  22. वह मास या महीना जो चन्द्रमा की गति के अनुसार गिना जाता है। —– चांद्रमास
  23. जो आँखों से सम्बंधित हो——चाक्षुष
  24. जो चर्चा का विषय हो ।——-चर्चित
  25. स्वार्थवश किसी का गुणगान (चापलूसी) करने वाला ——–चाट्कार
  26. किसी वस्तु का चौथा भाग——-चतुर्थांश
  27. मास के किसी पक्ष की चौथी तिथि——चतुर्थी, चौथ
  28. मास के किसी पक्ष की चौदहवीं तिथि—-चतुर्दशी
  29. ऐसा काव्य जिसमें गद्य-पद्य का मिश्रण हो । —- चम्पू
  30. जो कपड़ा बहुत फटा हुआ हो—– चिथड़ा
  31. चीन में बनने या चीन से आने वाला रेशमी कपड़ा ——-चीनांशक
  32. जो अपने निश्चित स्थान से डिग गया हो—-च्युत
  33. चैतन्य स्वरूप की माया—– चिद्विलास
  34. रोगियों की चिकित्सा करने का स्थान —–चिकित्सालय
  35. चूहों को फँसाने का पिंजरा——चूहेदानी
  36. करुण स्वर से चिल्लाना——चीत्कार
  37. चौथे दिन आने वाला ज्वर—–चौथिया
  38. चारों ओर की सीमा——चौहद्दी
  39. जहाँ से अनेक मार्ग चारों ओर जाते हैं—–चौराहा
  40. बरसात के चार महीने——चौमासा (IAS:93)

छ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. अकस्मात कहीं भी आकरं छापा मारने वाला ——-छापामार
  2. सेना के ठहरने का स्थान——-छावनी
  3. छिपे वेश में रहना——छद्मवेश
  4. छात्रों के रहने का स्थान——छात्रावास
  5. किसी काम या व्यक्ति में छिद्रों, त्रुटियों व दोषों को ढूँढ़ने का काम —- छिद्रान्वेषण
  6. छोटे से छोटे दोष को खोजने वाला ——-छिद्रान्वेषी (MPPCS:82, RAS:90)
  7. किसी को दोषारोपण करके छेड़ना——-छींटाकशी
  8. कर्मचारी आदि को छांटकर निकाल देने का काम ——छंटनी
  9. छ: महीने का समय—–छमाही

ज [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जनता-द्वारा सञ्चालित शासन——जनतन्त्र
  2. जीने की प्रबल इच्छा—– जिजीविषा (MPPCS:82, RAS:94)
  3. अधिक समय तक जीते रहने को इच्छुक —–जिजीविषु
  4. महामूर्ख—-जड़
  5. किसी पर विजय पाने की इच्छा रखने वाला ——जिगीषु
  6. किसी को जीतने की चाह ——जिगीषा
  7. कुछ जानने या ज्ञान प्राप्त करने की चाह ———जिज्ञासा (UPPCS.:93)
  8. जानने की इच्छा रखने वाला——–जिज्ञासु (UPSI.:02. UPPCS.:93:08:10:12, IAS.:89. RAS.:88, Low Sub.:03)
  9. जिसने इन्द्रियों पर विजय पा ली हो ——-जितेन्द्रिय (Upper Sub.:88)
  10. सारे जीवन में किसी के कार्यों आदि का विवरण ——–जीवन-चरित्र
  11. जल में पैदा होने वाला——जलज
  12. जल लेने के बदले में दिया जाने वाला टैक्स ——जलकर
  13. जल में विचरने वाले जीव——-जलचर
  14. जल थल दोनो जगह रहने वाला——जलभूमिया
  15. जाति से निष्कासित——-जातिच्युत, जातिबहिष्कृत
  16. जो अवैध सन्तान हो——जारज (UKPCS.:02)
  17. वह यान जो जल में चलता है—–जलयान
  18. जन्म से सौ वर्ष का समय—–जन्मशती
  19. जो जन्म से ही अंधा है——जन्मांध
  20. जो वृद्ध होने के कारण जर्जर हो गया हो। ——जराजीर्ण
  21. पेट की अग्नि——–जठराग्नि, जठरानल
  22. पति का बड़ा भाई—–जेठ
  23. खेत जोतने का काम—– जुताई
  24. जन्म दिन पर मनाया जाने वाला उत्सव ।——जन्मोत्सव
  25. बेटी का पति——जमाता

झ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. अपनी झक (धुन) में मस्त रहने वाला —– झक्की
  2. झूठ बोलने वाला —- झूठा
  3. जिसके लम्बे-लम्बे विखरे हुए बाल हों —— झबरा
  4. झगड़ा करने वाला —– झगड़ालू
  5. काँटेदार झाड़ियों का समूह—–झाड़झंखाड

ट [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. किराये पर चलने वाली मोटरगाड़ी —– टैक्सी
  2. मूल बातों को संक्षेप में लिखना ——- टिप्पणी
  3. टाइप करने की कला —— टंकण
  4. सिक्के ढालने का कारखाना —– टकसाल
  5. बोझा लादने वाला छोटा घोड़ा । —— टट्टू
  6. चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग —— टापू
  7. किसी ग्रन्थ या रचना की टीका करने वाला——- टीकाकार

[वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. घर-घर जाकर लोगों की डाक पहुँचाने वाला कर्मचारी ——डाकिया
  2. पत्रों को दूर स्थान पर पहुंचाने वाली संस्था —————-डाकसेवा

त [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. वह वस्तु, जिसमें बाण रखे जाएँ। —– तूणीर
  2. ऐसा तर्क जो देखने पर ठीक प्रतीत होता हो किन्तु वैसा न हो ——— तर्काभास
  3. जो तर्क योग्य हो —— तार्किक
  4. जो तर्क के आधार पर ठीक सिद्ध हो——- तर्कसंगत
  5. तर्क के द्वारा जो माना गया हो।——- तर्कसम्मत
  6. उसी समय का —— तत्कालीन
  7. ऐसी जीविका जो आकस्मिक हो —– तदर्थजीविका (UPPCS.:02)
  8. जिसे त्याग देना उचित हो —– त्याज्य
  9. किसानों को सरकार या जमींदार द्वारा दी गयी ऋण के रूप में आर्थिक सहायता—–तकावी
  10. विवाद या गुटबाजी से अलग रहने वाला —– तटस्थ
  11. अध्यात्म के तत्वों को जानने वाला——तत्त्वज्ञ
  12. वह जो बराबर तपस्या करता है —– तपस्वी
  13. मास की तीसरी तिथि—–तृतीया
  14. जिसको त्याग दिया गया हो ।——त्यक्त
  15. जो तत्त्व को जानता हो———तत्त्वज्ञानी, तत्वविद्
  16. अपने काम में निष्ठा से लगा हुआ——तत्पर
  17. एक व्यक्ति द्वारा चलाई जाने वाली शासन प्रणाली —–तानाशाही
  18. चोरी-छिपे और चुंगी शुल्कादि दिये बिना माल लाकर बेचने वाला —- तस्कर
  19. तैर कर पार होने की इच्छा रखने वाला ——–तितीर्षु
  20. वह स्थान जहाँ तोपें और बारूद आदि रखा रहता है ——तोपखाना
  21. कोई काम या पद छोड़ देने के लिए लिखा गया पत्र ——त्यागपत्र

थ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. पुलिस की बड़ी चौकी—–थाना
  2. पुलिस थाने का प्रधान अधिकारी——-थानेदार
  3. जमी हुई गाढ़ी चीज की मोटी तह——-थक्का
  4. कुछ निश्चित लम्बाई का कपड़ा——थान
  5. चौपायों के बाँधने का स्थान——— थान
  6. तबले आदि पर हथेली द्वारा किया गया आघात —–थाप
  7. शुभ अवसर पर गीली हल्दी आदि से लगाया गया पंजे का निशान — थापा

द [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो आगे की सोचता हो——दूरदर्शी या (RAS:85)
  2. जिसका दमन करना कठिन हो——दुर्दमनीय
  3. जो देवताओं के योग्य हो—–दिव्य
  4. गोद लिया हुआ पुत्र——-दत्तक (UPPCS.:97:10, UKPCS.:06)
  5. जो मार्ग पार करने में दुःखमय प्रतीत हो ——दुर्लघ्य
  6. जो दिया जा सके——-देय
  7. जो दुबारा जन्म लेता हो——-द्विज, द्विजन्मा (UPPCS:75,APO:96)
  8. दिन-भर का कार्य——–दिनचर्या
  9. जहाँ जाना कठिन हो——दुर्गम (MPPCS:86,RAS:85)
  10. जिसका दमन करना कठिन हो——-दुर्दम, दुर्दम्य , (UPPCS:78)
  11. स्त्री-पुरुष का जोड़ा/पति एवं पत्नी ——-दंपति, दंपती (UPPCS:79) (नोट-दंपति व दंपती दोनों शुद्ध हैं। ध्यान दें दंपत्ति का प्रयोग अशुद्ध है)
  12. दिन में कम दिखायी देता हो—- दिनौंधी (UPPCS:77)
  13. जंगल की आग—–दावानल (Upper Sub.:88, Low Sub.:98)
  14. जिसे दण्ड दिया जा सकता है या दण्डित किया जाना चाहिए—–दंडनीय
  15. अपराध और उन पर दण्ड देने के नियम निर्धारित करने वाला ग्रन्थ——दंड संहिता
  16. जिसका मुख दक्षिण की ओर हो——दक्षिणाभिमुख, दक्षिणावर्त
  17. किसी काम को चित्त लगाकर करना, पूर्ण लगन से करना ——— दत्तचित्त
  18. जो बहुत कठिनाई से मिलता है—-दुर्लभ, दुष्प्राप्य (RAS:91,UPPCS.:10)
  19. बुरे आचरण/चरित्र वाला —– दुश्चरित्र
  20. जिसे करना बहुत कठिन हो ——— दुष्कर
  21. जिसका नाप करना कठिन हो —– दुष्परिमेय
  22. वह जो अपनी प्रतिज्ञा पर दृढ़ रहे —– दृढ़प्रतिज्ञ
  23. पति के छोटे भाई की पत्नी—–देवरानी
  24. अपने देश से प्यार करने वाला—–देशभक्त
  25. अपने देश के साथ विश्वासघात करने वाला ——–देशद्रोही
  26. प्रतिदिन होने वाला——-दैनिक
  27. द्रुत गति से जाने वाला——द्रुतगामी
  28. राजा द्रुपद की पुत्री—–द्रौपदी
  29. चंद्रमास के किसी पक्ष की बारहवी तिथि ——द्वादशी
  30. जो द्वार की रक्षा करता है ——–द्वारपाल
  31. जिस पर विजय पाना कठिन हो—–दुर्जेय
  32. जिसका रोकना या निवारण करना कठिन हो —–दुर्निवार, दुर्निवार्य
  33. ऐसा अकाल कि भिक्षा देना/लेना भी कठिन हो —–दुर्भिक्ष (UPPCS.:14)
  34. जिसे भेदना या तोड़ना कठिन हो——-दुर्भेद्य
  35. दुःख देने वाला——-दुःखद
  36. जिसका समाधान या उपचार करना कठिन हो ——दुःसाध्य
  37. जिसका चित्त किसी एक बात पर स्थिर न हो ——–दचित्तता
  38. जिसके दो रंग हों——–दुरंगा
  39. दुष्ट उद्देश्य से की जाने वाली मंत्रणा या साजिश ——-दुरभिसन्धि
  40. अनुचित बात के लिए आग्रह——–दुराग्रह (UPPCS:98, Upper Sub.83)
  41. जिसे प्रसन्न/आराधित करना कठिन है ——-दुराराध्य
  42. वह व्यक्ति जो क्रेता और विक्रेता के बीच में पड़ कर सौदा पक्का कराता है—- दलाल
  43. मास के किसी पक्ष की दशवीं तिथि——दशमी
  44. मास के किसी पक्ष की दूसरी तिथि ——द्वितीया
  45. मास के किसी पक्ष की बारहवीं तिथि —-द्वादशी
  46. ज्ञान नेत्र से देखने वाला अन्धा व्यक्ति —-दिव्यद्रष्टा
  47. जिसके दस मुख (आनन) हों———दशानन
  48. जिसके पेट में माँ ने रस्सी बाँध दी थी(कृष्ण) —–दामोदर
  49. जिस पर दिनांक (तारीख का अंक) लगाया गया हो —–दिनांकित
  50. वह व्यक्ति जो अपने ऋणों को चुकता करने में असमर्थ हो गया हो —- दिवालिया
  51. कठिनाई से समझने योग्य——-दुर्बोधगम्य
  52. जिसकी बाहें लम्बी हों——–दीर्घबाहु
  53. जिसकी जीविका दान पर चलती हो ——–दानवृत्ति
  54. जो देखने योग्य हो——द्रष्टव्य, दर्शनीय
  55. ऐसा साहस जिससे कुछ लाभ न हो—–दुःसाहस
  56. जिस पर पक्षपात पूर्ण दृष्टि से विचार किया गया हो ——–दुर्दृष्ट
  57. ऐसा बोझ जिसे ढोना कठिन हो——–दुर्वह
  58. संकीर्ण (संकुचित) विचारों वाला व्यक्ति——दकियानूस
  59. जिसे पीड़ित किया जाए, जिसे सताया जाए। ——दलित
  60. जिसके दो पैर हों——–द्विपद
  61. विवाह के पश्चात बहू का दूसरी बार ससुराल आना ——-द्विरागमन
  62. दिन के समय अपने प्रिय से मिलने जाने वाली नायिका —दिवाभिसारिका
  63. आँख की बीमारी——-दृष्टिदोष
  64. दो भाषाएँ बोलने वाला—–द्विभाषी
  65. जो कठिनता से जाना जा सके——–दुर्जेय
  66. जिस वर की शादी दूसरी बार हो रही हो ——-द्विवर
  67. दो भिन्न भाषा-भाषियों के बीच मध्यस्थता करने वाला—– द्विभाषिया (UKPCS:02) (UPPCS:11)

ध [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो वस्तु दूसरे के यहाँ रखी हो ——- धरोहर
  2. धन देने वाली —– धनदा
  3. धन देने वाला —— धनद
  4. धार्मिक सिद्धान्तों के अनुसार आचरण करने वाला, धर्म में रुचि रखने वाला —— धर्मात्मा, धर्माचारी
  5. धारण करने वाला —— धारक
  6. धनुष धारण करने वाला —– धनुर्धर
  7. जिस पर धारियाँ बनी हों —— धारीदार
  8. ध्यान या विचार करने वाला ——— ध्याता
  9. यात्रियों के लिए धर्मार्थ बना हुआ घर——- धर्मशाला
  10. हवा में मिली हुई धूल या भाप के कारण होने वाला अँधेरा —– धुन्ध
  11. मछली पकड़ने/बेचने वाली जाति——-धीवर
  12. वह नायक जो बहुत असहिष्णु, उग्र स्वभाव का तथा सदा अपने गुणों का अपने आप वर्णन करता हो — धारोद्धत, धीरोद्धत/धीरोद्धत्त
  13. शक्तिशाली, दयालु और योद्धा नायक जो अपनी भावनाओं पर पूर्ण नियंत्रण रखता हो तथा जो क्षमावान, गंभीर, दृढ़ प्रतिज्ञ और विनयी हो। ( वीर रस प्रधान नाटक का मुख्य नायक) —– धीरोदात्त (RI.:2014)
  14. वह जो पृथ्वी को धारण करता हो——-धरणिधर
  15. जिस पर लम्बी लम्बी धारियाँ हों——-धीरललित
  16. जिसकी धर्म में निष्ठा हो——धर्मनिष्ठ (RAS:94)

न [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो गणना के अयोग्य हो ।—–नगण्य (UPPCS:2005)
  2. जो ईश्वर को न मानता हो —–नास्तिक (UPPCS:74,BDO:83.Upper Sub.:83.BPSC:81, IAS:89:95)
  3. जो निन्दा के योग्य हो———-निन्दनीय (Upper Sub.:88)
  4. जो कामना रहित हो——-निष्काम
  5. जो नित्य पति नवीन रहे——नितनूतन
  6. जो नीचे लिखा गया है——-निम्नलिखित (IAS:89)
  7. जो किसी से न डरे ।——-निडर (UKPCS:02)
  8. जो भयभीत न होता हो—-निर्भीक, निर्भय, अभय (IAS:92)
  9. मांस न खाने वाला——–निरामिष (UPPCS:93)
  10. जिसके मन/हृदय में दया न हो——-निर्दय, निर्दयी (Upper Sub.:93:88, BDO:83)
  11. जिसके हृदय में ममता न हो——-निर्मम (UPPCS:84:93, RO:13)
  12. जिस पर किसी प्रकार की कोई फीस न ली जाए ——निःशुल्क
  13. जो चिन्ता से रहित हो——निश्चिन्त
  14. जिसका कोई आधार न हो।——-निराधार (APO:97)
  15. जो व्यक्ति ससांरिक विषय-भोग से रहित हो ——-निरीह
  16. जिसको किसी प्रकार का लोभ न हो——निःस्पृह
  17. बालुकामय प्रदेश के बीच पाये जाने वाले हरे भाग —–नखलिस्तान
  18. जिसका कोई आश्रय न हो ।——-निराश्रय (Upper Sub.88)
  19. जो नष्ट होने वाला हो——-नश्वर
  20. जिसे अक्षर-ज्ञान न हो——निरक्षर
  21. आकाश में विचरण करने वाला——-नभचर (UPLow Sub.:75)
  22. जिसके पास शक्ति का अभाव हो—–निर्बल, दुर्बल
  23. जो भविष्य के प्रति निराश हो———निराशावादी
  24. रात्रि के मध्य-भाग का समय —- निशीथ
  25. जिस स्त्री के पुत्र न पैदा होता हो ।—— निपूती
  26. जिस पर किसी प्रकार का अंकुश न हो, जिस पर नियन्त्रण (दाब) न हो —– निरंकुश
  27. जो व्यक्ति शासन अथवा शासन-व्यवस्था में विश्वास न रखता हो —– निरंकुशवादी
  28. जो उत्तर न दे सके——-निरुत्तर
  29. लगातार देखना, बिना पलक झपकाए——निनिमेष, एकटक
  30. जिसका आकार न हो——-निराकार
  31. शासकीय अधिकारियों का शासन——-नौकरशाही, लालफीताशाही
  32. जिसके विषय में मत-भेद न हो——निर्विवाद (MPPCS:85)
  33. जो नया आया हो——-नवागत, आगन्तुक (MPPCS:84, UPPCS:84)
  34. जहाँ किसी बात का डर अथवा खतरा न हों ——निरापद (UPPCS:77)
  35. जो आसानी से झुकाया जा सके—–नमनीय
  36. देश के बाहर माल भेजना—–निर्यात (UPPCS:80)
  37. निर्वाचन में अपना मत देने वाला——निर्वाचक
  38. निशा (रात्रि) में विचरण करने वाला—-निशाचर
  39. जिसका निषेध किया गया है———-निषिद्ध
  40. जिस पर कोई कलंक न लगा हो ——निष्कलंक
  41. जिसने पाप न किया हो —— निष्पाप
  42. जिसमें तेज न हो———निस्तेज
  43. जिसकी सहायता करने वाला कोई न हो ——निस्सहाय
  44. नीति का ज्ञान रखने वाला——-नीतिज्ञ
  45. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश——न्यायमूर्ति
  46. जिसमें स्वार्थ साधन की भावना न हो ——निःस्वार्थ
  47. जिस पर नियंत्रण किया गया हो—–नियंत्रित
  48. जिसकी आशा न की गई हो ।——निराशा (RAS:91)
  49. जिसमें (सत, रज, तम) गुण न हों—–निर्गुण
  50. जिसकी जड़ या आधार का पता न हो, जिसका मूल नहीं है —- निर्मूल
  51. जिसकी नाक कट गयी हो ।——नकटा
  52. वह गाँव या शहर जहाँ नाना का घर हो ——-ननिहाल
  53. हाल ही में उत्पन्न हुआ (बालक)——नवजात
  54. चंद्रमास के किसी पक्ष की नौवीं तिथि ——नवमी
  55. हाल की ब्याही स्त्री——-नवोढ़ा
  56. नगर में रहने वाला—–नागरिक
  57. नरक से संबंधित या नरक में रहने वाला। —– नारकीय
  58. जिसमें शब्द न हो रहा हो —— निःशब्द
  59. नाक से बाहर निकलने वाली साँस —— निःश्वास
  60. जिसकी कोई संतान न हो —– निःसंतान
  61. जिसे देश से निकाला गया हो —— निर्वासित
  62. जहाँ आबादी न हो —— निर्जन (UPLow Sub.:90)
  63. जो रोग से मुक्त हो —— निरोग
  64. जो इन्द्रिय रहित हो ——- निरीन्द्रिय (BPSC:79)
  65. जो किसी विषय का निर्देशन करता हो —- निर्देशक
  66. जिसे कोई भ्रम या सन्देह न हो । —– निभ्रान्त
  67. जिसका कोई अर्थ न हो —– निरर्थक (UPPCS:78:95)
  68. जो नापा जा सके —– नापनीय, नाप्य (MPPCS:84)
  69. जिसकी उपमा न दी जा सके —– निरूपम
  70. नख से शिखा तक के सब अंग —– नखशिख
  71. निम्न कोटि का —— निकृष्ट (UPLow Sub.:98)
  72. जिसे वाणी व्यक्त न कर सके —– निर्वाक् (UPPCS.:03)
  73. नया उदित होने वाला। —— नवोदित (UPPCS:94)
  74. जो शंका करने योग्य न हो —– निःशंक
  75. किसी के साथ सम्बन्ध न रखने वाला —– निःसंग
  76. जिसका गला नीले रंग का है —- नीलकंठ (UPLow Sub.:02)
  77. नष्ट हो जाने वाला —– नष्ट प्राय (UPPCS.:09)
  78. नीले रंग का कमल—- नील कमल (UPPCS.:07)

प [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. फूल की रज —– पराग
  2. उत्तराधिकार में प्राप्त सम्पत्ति —– पुश्तैनी सम्पत्ति (UPPCS:2015)
  3. जो पिया जा सके, पीने योग्य —– पेय
  4. जो दूसरे के अधीन हो —— परतन्त्र
  5. पृथ्वी से संबंधित या मिट्टी का बना हुआ —— पार्थिव (UPPCS:79:10)
  6. जो पुरुषार्थ के अनुरूप हो —–पौरुषेय
  7. जो सुख-दुःख से परे हो —– परमहंस
  8. जो प्रशंसा के योग्य हो —– प्रशंसनीय
  9. जो देखने में प्रिय लगे —– प्रियदर्शी (BPSC:81)
  10. पद का लालची —— पदलोलुप
  11. जिसकी पूजा की जा सके —— पूजनीय
  12. इतिहास के युग से पूर्व का ——- प्रागैतिहासिक (BPSC:79,UPPCS:88)
  13. जिस स्त्री के पुत्र, पति दोनो हों —– पुरन्धि (BPSC:81)
  14. पिता से प्राप्त की हुई सम्पत्ति—— पैतृक (RAS:98)
  15. पत्ते की बनी हुई कुटी——-पर्णकुटी (Upper Sub.:83)
  16. आँखों के आगे——-प्रत्यक्ष
  17. पास में निवास करने वाला——पडोसी, प्रतिवेशी
  18. दूसरे की बुराई खोजने वाला—-परछिन्द्रान्वेषी
  19. सफेद कमल——-पुण्डरीक, अरविन्द
  20. जो जानवर पाले जा सकें——पालतू
  21. उपकार के प्रति किया गया उपकार, भलाई के बदले में की गई भलाई —–प्रत्युपकार
  22. जो पढ़ने योग्य हो———पठनीय
  23. जो गिरा हुआ हो ।—–पतित
  24. जिसका जन्म शरीर से हो——-पिण्डज
  25. प्राण (श्वास-प्रश्वास) की गति का क्रमशः दमन ——-प्राणायाम
  26. किये हए पाप का दंडस्वरूप फल भोगना ——-प्रायश्चित
  27. प्रार्थना करने वाला व्यक्ति——-प्रार्थी
  28. किये हुए परिश्रम के बदले में मिलने वाला धन ——-पारिश्रमिक
  29. पशुओं का सा या पशुओं के आचरण जैसा ————-पाशविक
  30. अपने पिता की हर तरह सेवा करने वाला ——-पितृभक्त
  31. जिसे पानी या किसी और वस्तु को पीने की प्यास हो ——–पिपासु ।
  32. किसी के निधन की वार्षिक तिथि——-पुण्यतिथि (UKPCS.:06)
  33. अपने बेटे की पत्नी——-पुत्रवधू
  34. कही बात को बार-बार दुहराना——पिष्टपेषण, पुनरुक्ति (UPPCS.:12)
  35. जिसकी प्रतिष्ठा हो——प्रतिष्ठित
  36. जिसके पार देखा जा सके——पारदर्शी, पारदर्शक (UPPCS.:74:88, IAS.:95, UKPCS.:04)
  37. जो कहीं जाकर लौट आया हो——प्रत्यागत
  38. उत्तर द्वारा खण्डन करके कहा हुआ——–प्रत्युक्त
  39. किसी के उत्तर में जो ठीक समय पर उत्पन्न हो —प्रत्युत्पन्न
  40. ठीक समय पर तुरंत किसी बात या युक्ति का सोचना, तुरंत उत्पन्न होने वाली सूझबूझ —– प्रत्युत्पन्नमति (2016)
  41. विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन—–प्रदर्शनी
  42. मंत्रियों में सबसे बड़ा——प्रधानमंत्री
  43. जो प्रमाण से सिद्ध हो सके —— प्रमेय
  44. प्रयोग में लाने योग्य—–प्रयोजनीय
  45. जो अपनी जन्म भूमि छोड़कर विदेश में वास करता हो, जो व्यक्ति विदेश में रहता हो —-प्रवासी (UPPCS93:98)
  46. प्रश्न के रूप में पूछे जाने योग्य—–प्रष्टव्य
  47. स्त्री जिसने बच्चा जना हो, बच्चा जनने वाली स्त्री ——प्रसूता
  48. हास्य रस प्रधान नाटक का लेख——–प्रहसन
  49. प्रकृत से उद्भूत या प्रकृति में होने वाला ——-प्राकृतिक
  50. किसी टूटी-फूटी वस्तु का फिर से निर्माण ——पुनर्निर्माण
  51. जिसकी कामना पूरी हो गयी हो——–पूर्णकाम
  52. किसी प्रश्न-पत्र के लिए निर्धारित कुल अंक ——-पूर्णांक
  53. जो अपने पैरों से चल रहा हो——-पैदल
  54. दिन का पहला भाग सबेरे से दोपहर तक, दोपहर से पूर्व का समय ————पूर्वाह्न (BPSC:81,UPPCS:88)
  55. पुत्र का पुत्र——–पौत्र
  56. पुत्र की पुत्री——-पौत्री
  57. प्रकाश में लाये जाने योग्य ——-प्रकाश्य
  58. जिसका प्रचार हआ या किया गया हो——-प्रचारित
  59. जिसकी प्रताड़ना की गयी हो——प्रताड़ित
  60. किसी स्थल से परिवर्तित होकर आई हुई ध्वनी ——प्रतिध्वनी
  61. दूसरे या विरोधी पक्ष में रहने वाला,प्रतिकूल पक्ष का ——–प्रतिपक्षी
  62. जिसके चित्त में पाप करने की भावना है ———पापचेता
  63. परलोक से संबंधित——–पारलौकिक
  64. आटा पीसने वाली स्त्री——-पिसनहारी
  65. दूसरों का उपकार/हित/भला करने वाला ——-परोपकारी (IAS:93,LowSub.:98:02)
  66. दूसरों को उपेदश देने वाला——परोपदेशक
  67. पांचाल प्रदेश की राजकुमारी——-पांचाली
  68. पिता का पिता——पितामह
  69. पिता के पिता का पिता——प्रपितामह
  70. पुस्तक या लेखक की हस्तलिखित प्रति ——- पाण्डुलिपि (Low Sub.:02)
  71. पखवारे में एक बार होने वाला, पन्द्रहवें दिन होने वाला ——-पाक्षिक
  72. पचाने की क्रिया करने वाला।—–पाचक
  73. किसी स्त्री को पत्नी रूप में ग्रहण करने के साथ उसका हाथ पकड़ना —— पाणिग्रहण
  74. मास के किसी पक्ष की पहली तिथि——प्रथमा
  75. मास के किसी पक्ष की पाँचवीं तिथि ———–पंचमी
  76. मास की तीसवीं तिथि, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि ——- पूर्णिमा
  77. प्राण की रक्षा करने वाला——-प्राणद
  78. गाँव की वह सभा जिसमें पंच लोग झगड़ों का निपटारा करते हैं ——- पंचायत
  79. जो पढ़ने में रोचक लगे, पढ़ने योग्य ———–पठनीय, पाठ्य
  80. अगुआ बनकर मार्ग दिखाने वाला——पथ-प्रदर्शक
  81. जो पदों अर्थात् काव्य के रूप में हो——-पद्य
  82. जिसकी परीक्षा ली जा चुकी हो——परीक्षित
  83. अधिक बकवास करने वाला——प्रगल्भ
  84. प्रिय बोलने वाली स्त्री——प्रियंवदा
  85. जो प्रिय बोलता है——–प्रियवादी
  86. पानी में डूब कर चलने वाली नाव—–पनडुब्बी
  87. परपुरुष से प्रेम करने वाली, दूसरे पर अनुरक्त स्त्री ——–परकीया
  88. जो दूसरे के अधीन हो——पराधीन (IAS:92)
  89. दूध, दही, घृत, शर्करा और मधु से बना वह पदार्थ, जो देवताओं के स्नान के लिए बनाया जाता है ——-पंचामृत
  90. जो दूसरे के आश्रय में रहता हो ।———पराश्रयी, पराश्रित
  91. जिसको जानते हों——परिचित
  92. स्त्री जिसे पति ने छोड़ दिया हो——-परित्यक्ता (UKPCS.:02. UPPCS::08)
  93. पूर्ण रूप से पका या पचा हुआ ——-परिपक्व
  94. वह शासन प्रणाली जिसमें जन-साधारण का शासन हो —– प्रजातन्त्र
  95. वह जिससे प्रेम किया जाय—–प्रेमपात्र
  96. जो पहरा देने वाला हो—–प्रहरी
  97. पति परायण स्त्री, अपने पति के प्रति अनुराग रखने वाली स्त्री —— पतिव्रता
  98. शरीर के मांस पेशियों का शिथिल हो जाना। ——-पक्षाघात, लकवा
  99. अपने पद से हटाया हुआ——–पदच्युत
  100. जो दूसरों का भला चाहने वाला हो——परार्थी
  101. वह स्त्री जिसका पति विदेश गया हो ——प्रोषितपतिका
  102. वह नायिका जिसका पति विदेश जाने को हो ——-प्रवत्यपतिका
  103. भली भाँति पोषित या पक्का किया हुआ ———परिपुष्ट
  104. जिसकी माप तौल हो सके——–परिमेय (UPPCS.:2015)
  105. जो निगाह (आँखो) से परे हो——-परोक्ष, अप्रत्यक्ष (UPPCS.:10)
  106. शीघ्र आग पकड़ने वाला——-प्रज्वलनशील (MPPCS:86)
  107. पर्वत की ऊँचाई आदि का पता लगाने वाला अभियान दल——–पर्वतारोही दल (MPPCS:86)
  108. ऐसा वाक्य या पद्य जिसका उत्तर खोजना पड़े ———-प्रहेलिका, पहेली
  109. जो दसरों के सहारे जीवित रहे।—–परोपजीवी, परजीवी, परान्नजीवी
  110. एक मतवाद, जिसमें जीवन की सच्चाई और कठिनाइयों से भागने की प्रवृत्ति हो ——– पलायनवाद (MPPCS:86)
  111. लौटकर आया हुआ——-प्रत्यावर्ती (UPPCS:84)
  112. जिस पर मुकदमा चल रहा हो, जो दायर मुकदमे का प्रतिवाद (बचाव) करे —– प्रतिवादी (Low Sub.:02. IAS:93, UPPCS:08:14)
  113. पत्थर के समान हृदय———-पाषाण हृदय
  114. ग्रन्थ के वे बचे हुए अंश जो प्रायः अन्त में जोड़े जाते हैं —परिशिष्ट (IAS:92)
  115. पर्वत की कन्या —– पार्वती
  116. पैर से पीने वाला—–पादप
  117. जो पर्दे के भीतर रहे——पर्दानशीं, शीन
  118. प्रतिकार की भावना—–प्रतिचिकीर्षा
  119. जो शुद्ध किया जा चुका हो हो——परिमार्जित
  120. ऐसी वस्तु जो किसी से पाने योग्य हो ———प्राप्तव्य
  121. जमानत करने वाला ———–प्रतिभू
  122. वापस बुलाया हुआ ।——-प्रत्याहूत
  123. बिना अधिकार पराई वस्तु काम में लाने वाला ——-परिभोक्ता
  124. चारों ओर से घिरा हुआ——परिवेष्टित
  125. निराश या पराभूत किया हुआ——-प्रतिहत
  126. कुत्ते का बच्चा——-पिल्ला
  127. किसी प्रतियोगिता में विजेताओं को दिया जाने वाला उपहार ——— पारितोषिक
  128. किसी कार्य के लिए दिया जाने वाला धन ———पारिश्रमिक
  129. जो देश-विदेश का भ्रमण करता हो——-पर्यटक
  130. किसी आरोप के उत्तर में किया जाने वाला आरोप ——–प्रत्यारोप
  131. समान रूप से आगे बढ़ने की चेष्टा——–प्रतिस्पर्धा
  132. जो प्रणाम करने योग्य हो ।——प्रणम्य
  133. जो दूसरों का भला चाहने वाला हो——परार्थी
  134. किसी विषय में दक्षता प्राप्त करने वाला ———पारंगत, दक्ष
  135. जो प्रमाण से सिद्ध हो सके——-प्रमेय
  136. रात्रि का प्रथम प्रहर/रात्रि का समय ——-प्रदोष (BPSC.:81, UPPCS.:98)
  137. दूसरों के आश्रय में रहने वाला——पराश्रयी
  138. जो दूसरों के अधीन हो——पराधीन
  139. प्रयत्न करना जिसका स्वभाव हो—–प्रयत्नशील (APO.:97) (IAS:89)

फ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो केवल फल खाकर रहता हो——फलाहारी
  2. फलने वाला या फल (ठीक परिणाम) देने वाला ——–फलदायी
  3. फल को इस प्रकार रखना कि गलने सड़ने न पाये फल———परिरक्षण
  4. वह पात्र जिसमें शोभा के लिए फूल लगाकर रखे जाते है —— फूलदान
  5. जिस स्थान पर बैठकर जूआ खेला जाता है ——फड़
  6. जिस कागज पर मानचित्र, विवरण या कोष्ठक अंकित हो —– फलक
  7. घूम-फिरकर सौदा बेंचने वाला——-फेरीवाला
  8. छत में टाँगने का शीशे का कमल या पात्र, जिसमें मोमबत्तियाँ जलती हैं। —— फानूस
  9. आय से अधिक बेकार में खर्च करने वाला ———फिजूलखर्च
  10. फल की आकांक्षा वाला ———फलासक्त

ब [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जिसने बहुत कुछ देखा हो——–बहुदर्शी
  2. जिसकी कामना बीत चुकी हो——बीतकाम
  3. जिसके कोई रोजगार न हो——–बेराजगार
  4. जिसके जोड़ (मुकाबले) का कोई न हो —–बेजोड़
  5. सूर्योदय से पहले दो घड़ी तक का पवित्र समय ——ब्रह्ममुहूर्त
  6. जिसे समाज या जाति से बाहर निकाल दिया गया हो —–बहिष्कृत
  7. जो बहुत से विषयों का जानकार हो ——-बहुज्ञ
  8. यह सिद्धान्त कि देवता बहुत से हैं जिनकी उपासना की जानी चाहिए —- बहुदेववाद
  9. अनेक धंधों से संबंध रखने वाला —— बहुधंधी
  10. जिसकी जीविका बुद्धि के (दिमागी) काम से चलती हो । — बुद्धिजीवी
  11. खाने की इच्छा ———- बुभुक्षा
  12. जिसको किसी बात की खबर न हो —— बेखबर
  13. सागर में लगने वाली अग्नि——-बड़वानल
  14. एक से अधिक पत्नी रखना——-बहुपत्नीत्व
  15. जो बालकों के लिए उपयोगी हो——बालोपयोगी
  16. किसी देवता पर चढ़ाने के लिए मारा जाने वाला पशु ——-बलि
  17. बहुत से रूप धारण करने वाला——-बहुरूपिया
  18. जिस स्त्री के संतान न पैदा होती हो ———बंध्या, बांझ
  19. छोटे कद का आदमी——–बौना
  20. जो बुद्धि द्वारा जाना जा सके——बोधगम्य
  21. बहुत सी भाषाओं को जानने वाला, जो एक सेअधिक भाषाएँ जानता हो —- बहुभाषाविद्, बहुभाषी (UPPCS:98, Low Sub.:2002, UKPCS.:06)
  22. बहुत सी भाषाओं को बोलने वाला——-बहुभाषाभाषी
  23. आधे से अधिक लोगों की मिलाकर एक राय ———बहुमत
  24. जिसने अनेक विषयों का ज्ञान सुना और स्मरण कर लिया हो ——– बहुश्रुत
  25. बुद्धि द्वारा ग्रहण किये जाने योग्य———-बुद्धिग्राह्य

भ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो आगे की बात सोचता है ——– भविष्यवेत्ता (MPPCS:79, RAS.:85)
  2. जो भारत में रहता हो । ———- भारतीय, भारतवासी (IAS:89)
  3. क्रोध करने वाली स्त्री ———- भामिनी
  4. जो व्यक्ति भाग्य पर विश्वास करे———-भाग्यवादी
  5. जो अनेक भाषाओं का ज्ञाता हो——-भाषाविद
  6. आगे घटित होने वाला——–भावी
  7. भूगर्भ विज्ञान का जानकार, जिसको भूमि के अन्दर की जानकारी हो ——भूगर्भवेत्ता, भूगर्भशास्त्री (UKPCS:04)
  8. (किसी पद पर) जो पहले रहा हो——भूतपूर्व
  9. जिसका भोग होता हो———भोग्य
  10. भूगोल से संबंधित या भूगोल का——-भौगोलिक
  11. किसी टूटी हुई इमारत का शेष (बचा हुआ अंश) —–भग्नावशेष
  12. गर्भ में बालक की हत्या——भ्रूणहत्या
  13. जो अच्छे भाग्य वाला हो———भाग्यवान
  14. दीवार पर बने हुए चित्र का———–भित्तिचित्र
  15. भूतों का ईश्वर ———- भूतेश
  16. जो भू (भूमि) को धारण करता है——-भूधर (UPPCS:95)
  17. ऐसा शास्त्र जिसमें पृथ्वी के स्वरूप का वर्णन है ——-भूगोल
  18. जो पूर्व में था या हुआ था पर अभी नहीं है । ——–भूतपूर्व (UPPCS:2010)
  19. भय उत्पन्न करने वाला——–भयानक
  20. यूरोप एवं भारत संबंधी——-भारोपीय
  21. खाने की इच्छा———–भूख
  22. जिसका भजन करना उचित और आवश्यक है ———भजनीय
  23. जो भय से घबराया हुआ हो।——–भयाकुल
  24. जो भविष्य में निश्चित रूप से होने को है । —-भवितव्य

म [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. दोपहर का समय——मध्याह्न (IAS:89)
  2. जो मर्यादा के अनुरूप हो——-मर्यादित
  3. मरने की इच्छा वाला——-मुमूर्ष
  4. जिसे मर जाने की कामना हो।—–मुमूर्ष
  5. मर जाने की कामना—–मुमूर्षा
  6. जिसे मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा हो—-मुमुक्ष (UKPCS:02. RAS:89:97, Upper Sub:88, UPPCS:95, IAS:95)
  7. फूलों का मधु—–मकरन्द
  8. दो विरोधी मार्गों के बीच का मार्ग———मध्यमार्ग
  9. समाज में उच्चवर्ग और निम्नवर्ग के बीच का वर्ग ——–मध्यवर्ग
  10. चुनाव में अपना मत देने की क्रिया———–मतदान
  11. किसी विषय में दूसरों से मत न मिलना —–मतभेद
  12. जिसके विषय में मतभेद न हो——मतैक्य (MPPCS:85)
  13. मतिमंद होने की अवस्था—–मतिमांद्य
  14. मन को हर लेने वाला——-मनोहर
  15. मन को मोह लेने वाला——मनमोहक
  16. मान करने वाली स्त्री—–मानिनी
  17. राजा के साथ अभिषेक की हुई रानी ———महिषी
  18. जो शराब का आदी हो——–मद्यप
  19. बालुकामय प्रदेश—–मरुस्थल
  20. मन, वचन और कार्य से——-मनसा-वाचा-कर्मणा (Upper Sub.:83)
  21. मन-पसन्द या नामांकित—–मनोनीत
  22. मनुष्य-जाति से परे——–मानवेतर
  23. मांस खाने वाला——मांसाहारी
  24. जो कम खर्च करने वाला हो ।——-मितव्ययी, कंजूस (UPPCS:00:04.APO:03:07)
  25. कमल की दण्डी——-मृणाल
  26. शीत-ऋतु की वर्षा——–महावट
  27. झूठ (मिथ्या) बोलने वाला——–मिथ्यावादी
  28. मन के दुर्बल होने की स्थिति या भाव ——–मनोदौर्बल्य
  29. मन के मलिन होने की स्थिति या भाव ———-मनोमालिन्य
  30. मन और उसकी अवस्थाओं तथा क्रियाओं का अध्ययन करने वाला शास्त्र ——- मनोविज्ञान
  31. मन के किसी ओर प्रवृत्त होने या, उससे हटने की अवस्था —– मनोवृत्ति
  32. मृग की सी आँखों के समान जिस स्त्री की आँखें हों ——मृगनयनी
  33. जिसने मृत्यु को जीत लिया हो, जिसने मृत्यु पर विजय पाई हो ———-मृत्युंजय (APO:82. UPPCS:95)
  34. मेघ के समान जो गरजता हो——–मेघनाद
  35. असाधारण मेधा (बुद्धि) वाला——-मेधावी
  36. जिसकी आँखें मीन के आकार की तरह सुन्दर हों ———-मीनाक्षी
  37. थोड़ा और नपा-तुला भोजन करने वाला——– मिताहारी (APO:94)
  38. प्रदेश या राज्य के मन्त्रियों में सबसे बड़ा ———मुख्यमंत्री
  39. वह स्थिति जब मुद्रा का चलन अधिक हो——–मुद्रास्फीति
  40. किसी बात के मर्म (गूढ रहस्य) को जानने वाला, मन की बात जानने वाला ——-मर्मज्ञ (UPPCS.:05)
  41. जिसके हृदय को चोट पहुँची हो——मर्माहत
  42. माया संबंधी या माया के रूप में होने वाला ——मयावी
  43. जो पुष्प पूर्ण रूप से विकसित न हुआ हो ———मुकुल
  44. मीठा बोलने वाला——मिष्टभाषी, मधुरभाषी
  45. प्रिय वचन बोलने वाली स्त्री——- मृदुभाषिणी (UPPCS:04)
  46. जो कम बोलने वाला हो———-मितभाषी (Low Sub.:75:98, UPPCS.:95:99, IAS.:04)
  47. मरा हुआ———-मृत
  48. मरण/मरने तक ——- मृत्युपर्यंत
  49. मन की अवस्था—— मनोवृत्ति
  50. मेघ से आच्छन्न (घिरा) हुआ—- मेघाच्छन्न
  51. दिल खोलकर कहना या गाना —– मुक्तकण्ठ
  52. दिल खोलकर (खुले हाथ) खर्च करने वाला। ——– मुक्त हस्त
  53. माता की हत्या करने वाला——–मातृहन्ता
  54. मत के अनुसार चलने वाला।———मतानुयायी
  55. जो मृत्यु के समीप हो ।——–मरणासन्न (IAS:93)
  56. जो कम जानता है———–मन्दबुद्धि
  57. मनाने के लिए की गई विनती———–मनुहार
  58. जिसने न बोलने का व्रत लिया हो——–मौनव्रती
  59. जो अपने मार्ग से भटक गया हो———-मार्गभ्रमित (UPPCS:93:04) (MPPCS:84)

य [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. अपनी शक्ति भर——-यथाशक्ति
  2. जहाँ तक और जितना संभव हो——यथासंभव
  3. जिसने यश प्राप्त किया हो——–यशस्वी
  4. जो क्रम के अनुसार हो——–यथाक्रम
  5. जहाँ तक सध सके—–यथासाध्य
  6. जैसी विधि निर्धारित हो उसी के अनुसार ——-यथाविधि
  7. युद्ध करने की प्रबल इच्छा———युयुत्सा
  8. जिसमें युद्ध करने की इच्छा हो——–युयुत्सु
  9. राजगद्दी का उत्तराधिकारी, सबसे बड़ा राजकुमार —– युवराज
  10. युवा या युवती होने की अवस्था——यौवन
  11. जैसा पहले था वैसा ही———यथापूर्व
  12. अपने युग का बहुत बड़ा व्यक्ति———–युगपुरुष
  13. समुद्री जहाज जिस पर से सैनिक युद्ध करते हैं ———-युद्धपोत
  14. जैसा उचित हो वैसा———-यथोचित
  15. वह शास्त्र जिसमें यन्त्रों के बनाने, चलाने और सुधारने का विवेचन होता है ——- यान्त्रिकी
  16. जो कोई वस्तु या भिक्षा माँगता हो———याचक
  17. यज्ञ करने और कराने वाला व्यक्ति——–याज्ञिक
  18. जिसने यश प्राप्त किया हो, जिसका यश चारों ओर फैल गया हो ———-यशस्वी
  19. युग का निर्माण करने वाला———–युग-निर्माता
  20. नेत्रों से सम्बन्धित———याक्षुष
  21. यूरोप और एशिया संबंधी————यूरेशिया (APO:88)
  22. रूप के अनुसार———यथारूप
  23. हमेशा घूमते रहने वाला।—–यायावर
  24. जो युद्ध में स्थिर रहता हो———युधिष्ठिर (UPPCS:98, Low Sub.:03, RAS.:05:07)

र [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. खून से रंगा हुआ——–रक्त-रञ्जित (Upper Sub.:80)
  2. राजा के द्वारा संचालित शासन———–राजतन्त्र
  3. दूसरे देश में अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला ——–राजदूत
  4. जहाँ नाटक खेला जाता है———रंगमंच (IAS:90)
  5. उत्तराधिकार में मिली जायदाद——-रिक्थ
  6. रोष से भरा हुआ——–रुष्ट
  7. जिसके रोंगटे खड़े हो गये हों————-रोमांचित
  8. जिसकी रक्षा करना उचित या आवश्यक हो ————-रक्षणीय
  9. बड़े-बड़े खम्भों में लोहे के रस्से बाँधकर बनाया गया मार्ग —— रज्जमार्ग
  10. राज्य या राजा के प्रति किया जाने वाला विद्रोह ———राजद्रोह
  11. राज्य द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित होने वाला पत्र ——– राजपत्र
  12. जिसकी सचना राजपत्र (गजट) में दी गई हो ———राजपत्रित
  13. पुलिस या सेना में नया भरती जवान ———-रंगरूट
  14. रक्त के दबाव का मात्रक/अनुपात से घट-बढ़ जाने का रोग —— रक्तचाप
  15. वह धन जो आधिकारिक रूप से राज्य को मिलता हो ——— राजस्व
  16. किसी राष्ट्र का सबसे बड़ा राज्याधिकारी, राष्ट्र का प्रधान ——- राष्ट्रपति
  17. जहाँ राजा निवास करता हो———–राजप्रासाद/राजमहल
  18. जहाँ रानी निवास करती है————–रनिवास
  19. रात को दिखाई न देने का रोग———रतौंधी
  20. गोपियों का घेरा बाँधकर नाचने की क्रिया——–रास
  21. वह काव्य जिसका अभिनय किया जाय——–रूपक
  22. रक्षा करने वाला———-रक्षक
  23. रघु के वंश का————राघव
  24. राधा का पुत्र———–राधेय

ल [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो कोई जवाब (उत्तर) न दे सके——लाजवाब
  2. कुल लाभ पाने की चाह———-लिप्सा
  3. वह व्यक्ति जो लकड़ियाँ काटकर अपना रोजगार चलाता है —- लकड़हारा
  4. जो पुरुष लोहे की तरह बलिष्ठ हो ———- लौहपुरुष
  5. लम्बे या मोटे उदर (पेट) वाला ——- लंबोदर
  6. लोक में प्रचलित वस्तुओं से बढ़कर —— लोकोत्तर
  7. बच्चों को थपकी देते हुए सुलाने का गीत —— लोरी
  8. इस लोक (संसार) से संबंध रखने वाला ——– लौकिक
  9. आय-व्यय, लेन-देन का लेखा करने वाला ——– लेखाकार
  10. वह शासन प्रणाली जो लोक द्वारा, लोक (जनता) के लिए निश्चित होती है —– लोकतन्त्र
  11. जन साधारण के गीत———– लोकगीत
  12. जो आसानी से पच जाये ——- लघुपाक
  13. लोक का कल्याण करने वाला ——– लोकसेवी
  14. जिसने प्रतिष्ठा प्राप्त की हो । —– लब्धप्रतिष्ठ, लब्धप्रतिष्ठित
  15. जिसे सब पसन्द करें ——— लोक-प्रिय
  16. लोभ करने वाला ——- लोलुप
  17. लालसा रखने वाला ——- लालायित
  18. जिसके पास लाख रुपये की सम्पत्ति हो ——– लखपति
  19. जिसका इलाज न हो सके——– लाइलाज

व [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो बात वर्णन के परे (बाहर) हो ———-वर्णनातीत
  2. विष्णु सम्बंधी या उस संप्रदाय के नियमों पर चलने वाला —- वैष्णव
  3. ऐसी व्यवस्था करना कि बाहर के तापमान का प्रभाव भीतर न पड़े ——- वातानुकूलन
  4. वह जो किसी के विरुद्ध वाद (मुकदमा) पेश करे ——–वादी
  5. वर्ष में एक बार होने वाला———वार्षिक
  6. प्रतिवर्ष दी जाने वाली वृत्ति या अनुदान ——-वार्षिकी
  7. अनुचित यौन सम्बन्ध रखने वाला——व्यभिचारी
  8. व्यवस्था करने वाला।——व्यवस्थापक
  9. जो सबमें व्याप्त हो ———- विभु
  10. विभिन्न प्रकार के विवादों में फंसा हुआ —— विवादास्पद
  11. जो इन्द्रियों का दमन न कर सके——-विषयासक्त
  12. जिसका विश्वास किया जाये——विश्वस्त
  13. वीणा है जिसके हाथ में वह देवी——वीणापाणि
  14. विदेश का या विदेश में होने वाला—–वैदेशिक
  15. जो विधि/कानून की दृष्टि से ठीक/मान्य हो —–वैध
  16. किसी विषय का, जिसको विशेष ज्ञान हो ——–विशेषज्ञ
  17. जो बढ़ रहा हो—— वर्द्धमान
  18. जो निरन्तर कई वर्षों से चलता रहे या होता रहे —–वर्षानुवर्ष
  19. वसंत पंचमी के दिन मनाया जाने वाला उत्सव ——वसंतोत्सव
  20. जिस कन्या का विवाह कर देने का वचन दे दिया गया हो —- वागदत्ता
  21. कन्या का विवाह कर देने का वचन देने की रस्म ——-वाग्दान
  22. वंश में उत्पन्न व्यक्ति——वंशज
  23. जिसके हाथ में वज्र रहता है—–वज्रपाणि
  24. बचपन और जवानी की उम्र के बीच की संधि । —– वयःसंधि
  25. जिस स्त्री का पति जीवित न हो——-विधवा (UPPCS:09. BPSC:83)
  26. जिस पुरुष की पत्नी मर चुकी हो——विधुर (Upper Sub.:80:83. IAS:90)
  27. जिसको पत्नी का साथ न हो।—–विपत्नीक
  28. योग या मिलन न होने की अवस्था——-वियोग
  29. अनुरक्ति न रहने की अवस्था या भाव ———विरक्ति
  30. वरदान देने वाला——-वरदाता
  31. विरोध करने वाला या विरुद्ध पड़ने वाला ——-विरोधी
  32. किसी पदार्थ या राज्य का दूसरे पदार्थ या राज्य में मिल जाना । —— विलय
  33. भले-बुरे की पहचान करने का ज्ञान ———विवेक
  34. किसी मामले के खिलाफ दिया गया मत —-विमति, टिप्पणी (RAS:87)
  35. एक से अधिक बातों में से कोई एक——–विकल्प
  36. वस्तुओं की बिक्री करने वाला———विक्रेता
  37. कानून का रूप देने के लिए प्रस्तुत किया गया प्रस्ताव या मसौदा —– विधेयक
  38. विधान सभा का सदस्य——–विधायक
  39. जिसे जीत लिया गया हो——-विजित
  40. जिसकी जानकारी बहुत अधिक हो——-विज्ञ
  41. लोगों की जानकारी के लिए पत्रों आदि में प्रकाशित बात या सूचना ——– विज्ञापन
  42. जो स्त्री विद्वान हो——–विदुषी
  43. वाणी का विकार——वाङ्मय (Low Sub:03)
  44. किसी वस्तु या विषय के अंगों को अलग-अलग करके देखना —- विश्लेषण
  45. काम के लिए अनुपयुक्त समय—–वृथासमय (BPSC:79)
  46. दूसरों के कार्य में विघ्न डालने वाला—— विघ्नकर, विघ्नकर्ता (MPPCS:86)
  47. जो वन्दना के योग्य हो——वन्दनीय
  48. विदेश में रहने वाला ——विदेशी (Upper Sub.:83, UPPCS:93:98)
  49. जो व्याकरण को जानने वाला हो—–वैयाकरण (BPSC:81, UPPCS:00, Low Sub.:02)
  50. जो विज्ञान को जानने वाला हो——-वैज्ञानिक
  51. जो व्याख्या करता हो——व्याख्याता
  52. जो वेतन पर काम करता हो——-वैतनिक
  53. जिस स्त्री की सन्तान पैदा न होती हो ———वन्ध्या
  54. जिस पुरुष का विवाह हो चुका हो———विवाहित
  55. जिस स्त्री का विवाह हो चुका हो——–विवाहिता
  56. तारों-भरी रात——–विभावरी
  57. जो व्यक्ति अधिक बोलता हो——वाचाल (RO:2013, MPPCS.:85.Upper Sub.:80, UPPCS.:85:2000. Low Sub:90)
  58. जिस पुरुष के पास विद्या हो—–विद्वान
  59. जो कानून के अनुकूल हो——विधि-सम्मत (UPPCS:79)
  60. जो कानून के प्रतिकूल हो—–विधि-विरुद्ध
  61. विशेष व्यक्ति से सम्बन्धित (जीवन, कार्य, व्यवहार) ——व्यक्तिमूलक , व्यक्तिगत
  62. लेना और देना, आदान प्रदान———–विनिमय
  63. वनस्पति का आहार करने वाला——वनस्पतत्याहारी (UPPCS:08)
  64. एक स्थान पर केन्द्रित शक्तियों और अधिकारों को बाँटना —– विकेन्द्रीकरण
  65. बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का समय ——वय-सन्धि
  66. जो विश्व में प्रसिद्ध हो——विश्व-विख्यात, विश्व-प्रसिद्ध, विश्वविश्रुत
  67. वसुदेव के पुत्र——वासुदेव
  68. जो अपने धर्म के विपरीत आचरण करता हो ———-विधर्मी
  69. जिस पर विश्वास किया जा सके——–विश्वसनीय, विश्वासपात्र
  70. कानून द्वारा प्राप्त———विधि प्रदत्त
  71. बिजली की तरह तीव्र वेग वाला——–विद्युत वेग
  72. जिसमें किसी प्रकार का विकार हो——-विकृत
  73. जिसका कोई अंग बेकार हो——-विकलांग, अपांग (UPPCS:75)

श [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. सौ वस्तुओं का संग्रह——-शतक (RAS:89)
  2. सौ वर्षों का समूह, अवधि या समय——-शतवर्ष, शताब्दी (Low Sub.:04)
  3. जो शक्तिशाली हो——–शक्तिमान
  4. चाँदनी रात——शर्वरी
  5. मुर्दे या शव जलाने का स्थान——-श्मशान
  6. सदैव रहने वाला—–शाश्वत्, अनाद्यन्त (RAS.:92:96, UPPCS.:93:99:01)
  7. शरण में आया हुआ———शरणागत
  8. वह जो किसी की या किसी स्थान में शरण चाहता हो —— शरणार्थी
  9. वह जो केवल अन्न, फल, शाक, सब्जी खाता हो —- शाकाहारी
  10. जहाँ से शब्द होता हो वहीं पर बाण से मारने वाला —— शब्दवेधी, शब्दभेदी
  11. सोने का स्थान या कमरा——–शयनागार
  12. जो हथियार फेंककर नहीं चलाया जाता अथात् हाथ में लेकर लड़ा जाता है ———शस्त्र
  13. जिसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता ——-शब्दातीत (UPPCS.:04)
  14. जिसके सिर पर चन्द्रमा हो।—–शशिधर (UPPCS.:99)
  15. चांद्रमास का वह पक्ष जब शाम से ही चन्द्रमा के दर्शन होने लगते हैं। ——– शुक्लपक्ष
  16. वह जो शिव संबंधी या शिव संप्रदाय के नियमों का पालन करता हो । —— शैव
  17. जो सदा दूसरों पर संदेह करता हो——-शंकालु (UPSI.:02)
  18. वह जिसका शोषण किया जाय——-शोषित (UKPCS.:2004)
  19. शत्रुओं को मार डालने वाला——-शत्रुघ्न
  20. जिसे शास्त्रों की अच्छी जानकारी हो——-शास्त्रज्ञ
  21. समान रूप से ठण्ढा और गरम—–शीतोष्ण (UPPCS.:2012)
  22. वह जो शक्ति या देवी की उपासना करता है —–शाक्त
  23. आदरपूर्वक सिर पर धारण करने या स्वीकार करने योग्य ————शिरोधार्य
  24. सौ में सौ—–शतप्रतिशत
  25. जिसके हाथ में शूल हो —– शलपाणि
  26. जो तेज चलता हो——शीघ्रगामी
  27. वह जिसके ऊपर शासन हो—–शासित
  28. जो सुनने योग्य हो——श्रव्य

ष [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जिस आकृति में छह कोण हों ——- षट्कोण
  2. मास की छठी तिथि ——- षष्ठी
  3. छह-छह महीने पर होने वाला——षट्मासिक

स [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जहाँ सेना रहती हो—–सैन्यवास (Low Sub.:90)
  2. जो सर्वत्र व्याप्त हो——सर्वव्यापी (UPPCS: 75:85)
  3. जो सबको एक-सा समझता हो—-समदर्शी (Upper Sub.:83)
  4. जो सब कुछ जानता हो—–सर्वज्ञ (UPPCS:75:92:95:98:01, MPPCS:85:05:08, RO;2013)
  5. जिसकी सीमा न हो——-सीमातीत, असीमित (IAS:89. UPPCS:01)
  6. जो सब को प्राप्त हो सके——सर्व-सुलभ
  7. जो पढ़ना लिखना जानता हो, जिसे अक्षर-ज्ञान हो——- साक्षर (UPPCS:95:01. Upper Sub.:83)
  8. जिस स्त्री का पति जीवित हो——-सधवा, सौभाग्यवती (RO:2013)
  9. जो असत्य न बोले/सत्य बोलने वाला —–सत्यवादी (Lov Sub.:98.RAS:85)
  10. अच्छे आचरण वाला——-सदाचारी (BPSC:79)
  11. जो सभी युगों के अनुकूल हो—–सर्वयुगानुकूल
  12. जो आसानी से प्राप्त किया जा सके—–सुग्राह्य (UPPCS.:2012)
  13. जहाँ खाना मफ्त में मिलता है——सदाव्रत, लंगर (UPPCS.:2006)
  14. स्वयं का हित चाहने वाला——स्वार्थी
  15. एक ही जाति के——सजातीय
  16. जो सभी को प्रिय हो——सर्वप्रिय
  17. उच्चवर्गीय शासन——सामन्तशाही
  18. जो स्त्री पति के लिए मर मिटे——-सती
  19. अपनी इच्छा के अनुसार आचरण करने वाला ——–स्वेच्छाचारी (APO:94)
  20. जिस व्यक्ति का स्वर्गवास हो गया हो । ——–स्वर्गवासी, स्वर्गीय, दिवंगत
  21. जो अपने ही नाम से प्रसिद्ध हो——–स्वनाम-धन्य
  22. एक ही समय में होने वाले——-सम-सामयिक, समकालीन
  23. जो स्त्री दुशचारिणी हो ।—–स्वैरिणी
  24. स्त्री के वश में रहने वाला, जिसका स्वभाव स्त्रियों जैसा हो——-स्त्रैण (UPPCS:74)
  25. अपने परिवार के साथ—–सपरिवार
  26. किसी बात को करने का निश्चय——संकल्प
  27. वह स्थान जहाँ, स्थायी महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह हो ——– संग्रहालय
  28. संचय किया हुआ——संचित
  29. अलग-अलग अवयवों को एक में जोड़ना ——–संश्लेषण
  30. जिसके सम्बंध में संदेह हो । ——- संदिग्ध
  31. कुछ खास शर्तों द्वारा कोई कार्य करने-कराने का समझौता —– संविदा
  32. वह जो साँप पकड़कर पालता और तमाशे दिखाता है ——- सँपेरा
  33. जो दो या अधिक भिन्न तत्वों या संसर्ग जातियों के से उत्पन्न हो—– संकर
  34. छुआ छूत से एक रोगी द्वारा दूसरों ——संक्रमण
  35. सम्पूर्ण समाज से सम्बन्धित——समष्टिमूलक, समष्टिगत
  36. अपने साथ कार्य करने वाला व्यक्ति ——–सहयोगी, सहकर्मी
  37. बहुत पढ़ी-लिखी स्त्री————-सुशिक्षिता (Upper Sub.:80)
  38. जो सबके उपयोग के लिए हो——सार्वजनिक
  39. जिसका अन्त सुखमय हो——सुखान्त
  40. जिसका प्रयोजन सिद्ध हो चुका हो—–सिद्धकाम
  41. जो हमेशा/निरंतर रहने वाला हो——स्थायी, शाश्वत (UPPCS:93)
  42. संसद का सदस्य——–सांसद
  43. चोरी के लिए मकान की दीवार में किया गया बड़ा-सा छेद —— सेंध
  44. अपनी इच्छा से दूसरों की सेवा करने वाला ———–स्वयंसेवक (Upper Sub.:83)
  45. जो स्वयं भोजन बनाकर खाता हो——-स्वयंपाकी (RAS:97)
  46. सौर जगत् का सबसे बड़ा ग्रह जिसकी अन्य ग्रह परिक्रमा करते हैं —- सूर्य
  47. सुजन (अच्छा मुनष्य) होने की अवस्था, गुण या भाव —— सौजन्य
  48. मनुष्यों का किसी विशेष विषय पर विचार के लिए मिलन —- सम्मेलन
  49. जो सव्य (बायें) हाथ से काम करता हो ———सव्यसाची (UKPCS.:2002)
  50. पति या पत्नी के पिता का घर——-ससुराल
  51. जो एक ही माता के उदर (पट) से उत्पन्न हुए हों ———सहोदर (APO:94)
  52. किसी सत्ता के विरुद्ध अपना सत्य मनवाने के लिए किया गया आन्दोलनात्मक आग्रह —- सत्याग्रह
  53. जिसने अभी हाल ही में बच्चे को जन्म दिया हो ———सद्यःप्रसूता
  54. जो सिद्ध या पूरा किया जा सके——साध्य
  55. खली में सानकर दिया जाने वाला चारा ——–सानी
  56. वर्तमान समय या ठीक समय पर होने वाला ——-सामयिक
  57. मांस से युक्त———-सामिष
  58. समूह से सम्बंधित या समूह द्वारा होने वाला। ———–सामूहिक
  59. संदेश ले जाने वाला——–संदेशवाहक (UPPCS:09)
  60. उसी समय में होने वाला या रहने वाला ———–समकालीन
  61. जो सबको समान भाव से समझता देखता हो ———–समदर्शी
  62. जो एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर भेज दिया गया हो ——- स्थानान्तरित
  63. जिसमें स्नान किया जा सके—–स्नानीय
  64. जो एक जगह से दूसरी जगह न ले जाया जा सके —-स्थावर
  65. संबंध की दृष्टि से किसी के पुत्र या पुत्री का ससुर ——समधी
  66. जिसका समर्थन किया गया हो——समर्थित
  67. चंद्रमास के किसी पक्ष की सातवीं तिथि ——–सप्तमी
  68. सात दिनों की अवधि————-सप्ताह
  69. सभ्य होने की अवस्था, गुण या भाव———-सभ्यता
  70. जो अपनी पत्नी के साथ हो,जिसकी पत्नी जिन्दा हो ——- सपत्नीक
  71. बहुत पढ़ी-लिखी स्त्री——सुशिक्षिता (Upper Sub.:80)
  72. अच्छी आँखो वाली स्त्री—–सुनयना (APO:94,Upper Sub:80)
  73. सब भूमि या सब देशों में होने वाला—–सार्वभौम
  74. साहित्य से संबंधित—–साहित्यिक
  75. जिसका गला या गले का स्वर अच्छा हो ———–सुकंठ
  76. जो सुख देता हो——सुखद
  77. किसी काम में दूसरे से आगे बढ़ जाने की प्रबल इच्छा ——- स्पर्धा
  78. जो स्मरण रखने योग्य हो———स्मरणीय (UPPCS:80:04.APO:82)
  79. जो आप से आप उत्पन्न हुआ हो——स्वयंभू (UPPCS:74:80)
  80. जो आसानी से मिल सके, सरलता से प्राप्त होने वाला —– सुलभ
  81. सुन्दर हृदय वाला———सुहृदय
  82. जो संसार का संहार करता हो——-संहारक (IAS:95)
  83. जिसकी ग्रीवा सुन्दर हो——–सुग्रीव (UPPCS:93, APO:96)
  84. जो सर्वशक्ति सम्पन्न हो —— सर्वशक्तिमान
  85. जो सरों में जन्मता हो——सरसिज
  86. सब कुछ खाने वाला—–सर्वभक्षी
  87. सिंह का बच्चा—–सिंहशावक
  88. सेना का संचालक—–सेनापति
  89. पसीने से उत्पन्न होने वाला—-स्वेदज (UKPCS.:06)
  90. अपने भरोसे रहने वाला—–स्वावलम्बी
  91. अपने ही वश में रहने वाला—–स्ववश्य
  92. अपने मन की प्रसन्नता के लिए——-स्वांतःसुखाय
  93. तालाब में उत्पन्न होने वाला कमल—–सरसिज
  94. न बहुत ठण्डा न बहुत गर्म—–समशीतोष्ण
  95. समान उम्र वाले लोग—–समवयस्क
  96. अपनी ही इच्छानुसार पति का वरण करने वाली ——स्वयंवरा
  97. स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद का—–स्वातन्त्र्योत्तर
  98. दूसरे के स्थान पर अस्थाई रूप से काम करने वाला ——स्थानापन्न
  99. सबको जीतने वाला——सर्वजीत
  100. प्राणों पर संकट लाने वाला—–सांघातिक
  101. समस्त पृथ्वी से सम्बन्ध रखने वाला —–सार्वभौमिक
  102. अपना हित चाहने वाला——स्वार्थी
  103. सब कालों में होने वाला—-सार्वकालिक
  104. सब लोगों से सम्बन्ध रखने वाला—-सार्वजनिक

ह [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. हाथ की कारीगरी—-हस्त-कौशल, हस्त-शिल्प
  2. जिसे देखकर लोग मजाक उड़ाएँ——हास्यास्पद
  3. अगहन और पूस में पड़ने वाली ऋतु ——–हेमन्त
  4. हंस के समान गति से चलने वाली स्त्री ——हंसगामिनी
  5. हाथ में सरलता से आने वाली पुस्तिका —–हस्तपुस्तिका
  6. मिठाई बनाकर बेचने वाला———हलवाई (IAS:93)
  7. किसी व्यक्ति द्वारा हलफ (शपथ) के साथ लिखा हुआ न्यायालय में प्रस्तुत पत्र —– हलफनामा
  8. हवा में उड़ने, रहने या होने वाला——-हवाई
  9. ऐसी घटना जो अवश्य ही घटित हो ——-होनी
  10. वह चातुर्य जो हाथ से किया जाये—–हस्तलाघव
  11. जिसका उत्साह मर चुका हो—–हतोत्साहित
  12. जिसे देख सुनकर हृदय फटता हो——हृदय विदारक
  13. हृदय को छुनेवाला।———हृदयस्पर्शी
  14. वह जो हृदय पर राज करता हो (पति) ————हृदयेश्वर
  15. हाथी की पीठ पर रखी जाने वाली चौकी ——–हौदा
  16. दूसरों को जान से मार डालने वाला——–हत्यारा
  17. सेना का वह भाग जो सबसे आगे रहता है ———हरावल
  18. जो हाथ से लिखा गया हो।——-हस्तलिखित
  19. वह जिसके पास संपत्ति या अधिकार सौंपा गया हो ———–हस्तांतरित
  20. किसी काम में दखल देना———–हस्तक्षेप
  21. वह जो हल को धारण करता हो (बलदेव) ——–हलधर
  22. भला या हित चाहने वाला———हितैषी (BPSC:79)
  23. हिन्दू की भाषा/भारतीय भाषा——–हिन्दी
  24. वह जो रक्षा और मदद करता हो——-हिमायती
  25. वह जो झगड़ालू स्वभाव का हो । ——— हुज्जती
  26. जिसने पुण्य कार्य हेतु प्राण दिये हों———-हुतात्मा (BPSC:79)
  27. वह जो भाग्य में हो——होतव्य, होतव्यता, प्रारब्ध

क्ष [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो क्षमा पाने योग्य है—–क्षम्य (UPPCS:75,APO:96) (RAS:85, IAS:90)
  2. जहाँ पृथ्वी और आकाश मिलते दिखायी पड़ें ———–क्षितिज
  3. जिसका हाथ बहुत तेज चलता हो———–क्षिप्रहस्त
  4. किसी ग्रंथ में अन्य व्यक्ति द्वारा जोड़ा गया भाग —– क्षेपक
  5. क्षमा करने वाला व्यक्ति——क्षमाशील
  6. वह जो क्षमा करने योग्य हो—–क्षमितव्य
  7. भूख से व्याकुल———क्षुधातुर
  8. क्षीण शरीर वाला——-क्षीणकाय
  9. क्षण भर में नष्ट होने वाला——-क्षणभंगुर
  10. कटा-फटा हुआ———क्षत-विक्षत

त्र [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. भौंहों के बीच का ऊपरी भाग———–त्रिकुटी
  2. सत्त्व, रज, तम———त्रिगुण
  3. तीन फलों (आँवला, हर्रा, बहेड़ा) का मिश्रण———-त्रिफला
  4. दैहिक, दैविक, भौतिक ताप या कष्ट ———–त्रिताप
  5. वात, पित्त, कफ———त्रिदोष
  6. तीन लोकों (आकाश, पृथ्वी, पाताल) का संगम ———-त्रिलोक, त्रिभुवन
  7. तीनों लोकों के स्वामी——त्रिलोकीनाथ, त्रिभुवननाथ
  8. तीन नदियों (गंगा, यमुना, सरस्वती) का संगम ——–त्रिवेणी, संगम
  9. तीन युगों में होने वाला———-त्रियुगी
  10. धरती और आकाश के बीच का स्थान ——-त्रिशंकु (UPPCS.:05)
  11. शीतल, मन्द सुगन्ध वायु———-त्रिविध वायु
  12. तीन शृंगों वाला पर्वत——–त्रिकूट
  13. रात्रि का तीसरा पहर——–त्रियामा
  14. वह जो छुटकारा दिलाता है ——— त्राता
  15. हर तीसरे महीने होने वाला———-त्रैमासिक
  16. तीनों कालों (भूत, वर्तमान और भविष्य) को जानने वाला, तीनों कालों का ज्ञाता ——-त्रिकालदर्शी, त्रिकालज्ञ

ज्ञ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जो जाना जा सके, जिसे जानना आवश्यक हो ——ज्ञेय
  2. जो जानता हो——ज्ञाता
  3. जिसे ज्ञान प्राप्त करने की प्यास हो——–ज्ञान पिपासु
  4. जो जानने योग्य हो——–ज्ञातव्य
  5. जो सर्वज्ञ पुराण, उपनिषद् शास्त्र का ज्ञान रखता हो ——–ज्ञानी

ऋ [वाक्यांशों के समानार्थक शब्द तथा विशेष]

  1. जिसने उधार लिया हो———-ऋणी

THE END

 

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