उत्तराखण्ड परिवहन तंत्र Transport of Uttarakhand
Uttarakhand GK

उत्तराखण्ड परिवहन तंत्र Transport of Uttarakhand

उत्तराखण्ड परिवहन तंत्र Transport of Uttarakhand

उत्तराखण्ड : परिवहन तंत्र

  • जो भूमिका शरीर में धमनियों का है, वही भूमिका किसी देश या राज्य में परिवहन के साधनों का है।
  • बिना परिवहन साधनों का विकास किये, किसी देश या राज्य का समुचित विकास सम्भव नहीं है।
  • कठिन भौतिक संरचना के कारण भारत-चीन युद्ध के पूर्व तक इस पर्वतीय क्षेत्र में परिवहन के साधनों का विकास अपेक्षाकृत बहुत कम हुआ था। लेकिन युद्ध के बाद सामरिक महत्व को देखते हुए इसके विकास पर अधिकाधिक बल दिया जाने लगा।
  • राज्य के गठन के बाद इसके विकास में और तीव्रता आई है।
  • राज्य में प्रयुक्त परिवहन साधनों का संक्षिप्त वर्णन अधोलिखित है ।

सड़क तंत्र

  • जटिल भौतिक संरचना के कारण लगभग 40% भू-भाग पर अभी भी सड़को का विकास न हो पाने के बावजूद राज्य के कुल यातायात में सड़क यातायात का भाग 85% से अधिक है।
  • राज्य के कुमाऊं मण्डल की अपेक्षा गढ़वाल मण्डल में सड़को की संख्या एवं लम्बाई अधिक है।
  • सड़कों के निर्माण व संरक्षण में लोक निर्माण विभाग, जिला सीमा सड़क संगठन, डी. जी. बी. आर., वन विभाग, परिषद एवं नगर पालिकाएं आदि संस्थाएं योगदान करती हैं ।
  • राज्य सरकार के ऑकड़ों के अनुसार मार्च, 2021 तक राज्य में सभी विभागों के अधीन सड़कों की कुल लम्बाई 51,970.18 किमी थीं।
  • इसमें 39,454.43 किमी. लोकनिर्माण विभागाधीन, 6,288.40 किमी. स्थानीय निकायों के अधीन तथा 6,227.35 किमी. सीमा सड़क संगठन, वन, गन्ना व अन्य विभागों के अधीन है।
  • प्रदेश गठन के समय तक राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गो की कुल संख्या 9 थीं, जो 2021 के अंत तक बढ़कर 22 हो गई हैं।
  • चारो धामों को जोड़ने वाली 889 किमी. की सड़क को दिसम्बर, 2016 से दो लेन का बनाया जा रहा है।
  • रामनगर (नैनीताल) को कोटद्वार (पौढ़ी) से जोड़ने वाला कण्डी मार्ग (माउण्टेन रोड) को अंग्रेजों ने बनवाया था।
  • कार्बेट उद्यान के बीच से गुजरने के कारण यह मार्ग काफी दिनों से बन्द है, लेकिन अब इसके खुलने और पुनर्निमित होने के समय नजदीक आ गए हैं। इस मार्ग के खुल जाने से बिना यूपी में प्रवेश किए कुमाऊं गढ़वाल जाया जा सकेगा।
  • हल्द्वानी में अन्तर्राज्जीय बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है।
  • सड़क परिवहन के चालकों हेतु प्रशिक्षण केन्द्र देहरादून, पौढ़ी, अल्मोड़ा व हल्द्वानी में स्थापित किए गए हैं।
नए रा. रा. संख्या मार्ग पर स्थित प्रमुख स्थान राज्य में लम्बाई (किमी. में)
NH-7 पंजाब, हरियाणा, हि.प्र., विकास नगर- देहरादून-ऋषिकेश-देवप्रयाग- रूद्रप्रयाग-कर्णप्रयाग – चमोली – जोशीमठ – बदरीनाथ-माना तक 402.60
NH-34 गंगोत्री – भटवारी – धरासू-नागन-अम्पाटा- ऋषिकेश-हरिद्वार-नजीबाबाद (यूपी) 390.40
NH-707A त्यूनी (NH-707 से)- चकराता-भेदियाना- मंसूरी – न्यू टिहरी – श्रीनगर (NH-7 तक) 310.00
NH-109 रुद्रपुर (NH-9 से)-हल्द्वानी- नैनीताल भुवाली- अल्मोड़ा-रानीखेत-द्वाराहाट – चौखुटिया – गैरसैंण आदिबद्री – सिम्ली-कर्णप्रयाग (NH-7 तक) 284.00
NH-109K सिम्ली (NH-109 से )- ग्वालदम – बागेश्वर- मुन्सयारी-जौलजीवी (पिथौ.) 230
NH-309 रुद्रपुर (NH-9 से) – काशीपुर – रामनगर- धुमाकोट-थलीसैंण-बुबाखल – पौढ़ी-श्रीनगर (NH-7 तक) 264.00
NH-9 पंजाब-हरियाणा- दिल्ली- यूपी – रूद्रपुर- सितारगंज-खटीमा-टनकपुर-पिथौ . – अस्कोट तक 255.00
NH-309A रामेश्वर (NH-9 से ) – गंगोलीहाट-बेरीनाग- चौकोड़ी-कांडा-बागेश्वर-तलुका-अल्मो(NH-109 तक) 208.00
NH-534 नजीबाबाद (NH-34 से ) – कोटद्वार – सतपौली- वुबाखाल तक (पौढी) 137.07
NH-507 हरबतपुर (NH-7 से)-विकासनगर-कालसी- बरकोट (NH-134 तक) 111.35
NH-134 धरासू (NH-34 से)-कुठनौर-यमुनोत्री 97.00
NH-107A चमोली (NH-7 से ) – गोपेश्वर – मंडल – बारंबारी (NH-107 तक) 84.20
NH-309B अल्मोड़ा के पास (NH-109 से )- रामेश्वर (NH-9) तक 82.00
NH-107 रूद्रप्रयाग (NH-7 से)-गुप्तकाशी-फाटा- गौरीकुण्ड 76.00
NH-334A पुरकाजी ( यूपी. NH-334 से ) – लक्सर- हरिद्वार (NH-34 तक) 56.10
NH-707 पोंटा साहिब (हि.प्र.)- मीनस (उ.ख. ) – त्यूनी (उ.ख.) – हरकोटी (हि.प्र.) 40.50
NH-334 हरिद्वार-रूढ़की-मंगलौर-पुरकाजी (यूपी)- यूपी 53.90
NH-734 नजीबाबाद (NH-34 से)- जसपुर (उ.ख.)-काशीपुर (उ.ख.) – मुरादा (NH-9 तक) 32.10
NH-344 पंजाब-हरियाणा-सहारन (यू.पी.) – रूढकी (NH-334 तक) 22.00
NH-731K खटीमा (NH-9 से ) – पीलीभीत शाहजहाँपुर- (NH-731 तक) 8.00
NH-307 देहरादून (NH-7 से)- मोहंड (यू.पी.)- विहारीगढ़ (यूपी) 7.45
NH-30 सितारगंज (NH-9 से)- यूपी-एमपी- छत्तीसगढ़ – आन्ध्रा 2.90

सड़क परिवहन

  • राज्य में यात्री एवं माल यातायात का सबसे प्रमुख साधन सड़क परिवहन हैं।
  • यहाँ की अर्थव्यवस्था अब परिवहन व्यवसाय पर आधारित होने लगी है। यह बहुत तीव्र गति से व्यवसाय का रूप ग्रहण करता जा रहा है।
  • इस समय प्रदेश के कुल सड़क परिवहन व्यवसाव में 80 प्रतिशत योगदान राज्य के निजी ट्रान्सपोर्टरों के वाहनों का और शेष 20 प्रतिशत सरकारी एवं अन्य प्रान्तों से आने वाले वाहनों का है ।
  • यद्यपि राज्य में राज्य सड़क परिवहन निगम, गढ़वाल मण्डल विकास निगम एवं कुमाऊं मण्डल विकास निगम आदि राजकीय कम्पनियों द्वारा बसों का संचालन किया जाता है, लेकिन इनके बसों की संख्या और संचालन क्षेत्र अपेक्षाकृत बहुत कम ( लगभग 20%) है।
  • राज्य में सड़क परिवहन के अधिकांश भाग पर गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन लि., गढ़वाल मोटर यूजर्स को आपरेटिव टांसपोर्ट सोसायटी लि., टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड, कुमाऊँ मोटर ऑनर्स यूनियन लि. तथा सीमान्त सहकारी संघ आदि निजी कम्पनियों का विस्तार है ।
  • गढवाल मोटर ऑनर्स यूनियन लि. एशिया की प्रमुख यातायात कम्पनियों में से एक है। इसकी स्थापना 1941 में कोटद्वार (पौढ़ी) में हुई थी । इसका एक कार्यालय ऋषिकेश में भी है।
  • कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड की स्थापना सन् 1939 में काठगोदाम में हुई थी। इसके कार्यालय रामनगर तथा टनकपुर में हैं।
  • गढ़वाल मोटर यूजर्स को ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी लि. की स्थापना 1958 में रामनगर में हुई थी ।
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रेल- पथ

  • जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहाँ रेलपथ का विस्तार बहुत कम (3,44.91 किमी.) हो पाया है।
  • जितना हुआ है उसमें से 283.76 किमी. बड़ी लाईन व 61.15 किमी. छोटी लाईन है।
  • राज्य के केवल 6 जिलों (हरिद्वार, देहरादून, पौढ़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत) में रेल – लाइने विछाई गई । राज्य में छोटे-बड़े कुल 41 रेल स्टेशन हैं ।
  • उपरोक्त 6 जिलों में सर्वाधिक रेल ट्रैक वाला जिला हरिद्वार और सबसे कम रेल ट्रैक वाला जिला पौढ़ी गढ़वाल है ।
  • राज्य के प्रमुख रेल पथ अधोलिखित हैं।
  • 1. उ.प्र. के मुजफ्फपुर से हरिद्वार के कलसिया, लक्सर तथा रुढ़की होते हुए पुनः उ.प्र. के सहारनपुर को (बड़ी लाइन – उत्तर रेलवे ) ।
  • 2. लक्सर, हरिद्वार, देहरादून मार्ग ( बड़ी लाइन – उत्तर रेलवे ) ।
  • 1 जनवरी 1896 को लक्सर जंक्शन को हरिद्वार से जोड़ा गया तथा सन् 1900 मे हरिद्वार से देहरादून को जोड़ा गया।
  • हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग राजाजी नेशनल पार्क के मध्य से होकर गुजरती है।
  • बाद मे हरिद्वार – ऋषिकेश मार्ग का निर्माण किया गया ।
  • 3. हरिद्वार – ऋषिकेश मार्ग ( बड़ी लाइन – उत्तर रेलवे ) ।
  • 4. उ.प्र. के नजीबाबाद (बिजनौर) से कोटद्वार (पौढ़ी) तक (बड़ी लाइन – उत्तर रेलवे ) । इस लाइन को 1897 में बिछाया गया था।
  • 5. उ.प्र. के मुरादाबाद से काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) से रामनगर (नैनीताल) तक ( बड़ी लाइन – पूर्व उत्तर रेलवे ) । यह पथ कुमाऊँ तथा गढ़वाल दोनों के लिए उपयोगी है। कार्बेट पर्यटकों के लिए बहुत उपयोगी है ।
  • 6. उ.प्र. के रामपुर से किच्छा (ऊ. सिं.न.) से लालकुँआ (ऊ. सिं.न.) से काठगोदाम (नैनीताल) तक (बड़ी लाइन – पूर्व उत्तर रेलवे ) । यह राज्य मे बिछाई गई प्रथम रेल लाइन है, जो कि 1884 से सेवारत है।
  • 7. उ.प्र. के बरेली से लालकुँआ (ऊ.सि.न.) से काशीपुर (उ. सि. न. ) तक (छोटी लाइन पूर्व उत्तर रेलवे ) । ।
  • 8. उ.प्र. के पीलीभीत से खमीटा (उ.सि.न.) से टनकपुर (चम्पावत) तक (छोटी लाइन पूर्व उत्तर रेलवे ) ।
  • टनकपुर से बागेश्वर तक निर्माण हेतु प्रस्तावित रेल पथ को मार्च, 2012 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया गया हैं। अतः इसमें आने वाली खर्च का पूरा वहन केन्द्र सरकार करेगी ।
  • निर्माणाधीन देवबन्द — रूढ़की रेल पथ हेतु राज्य सरकार 50% वित्त पोषण कर रही है।
  • ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल पथ का निर्माण कार्य शुरु किया जा चुका है।

रेल- परिवहन

  • देहरादून, रायवाला, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूढ़की, काशीपुर, रामनगर, रूद्रपुर, किच्छा, लालकुँआ, हल्द्वानी, काठगोदाम तथा टनकपुर आदि राज्य के प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जिनसे यात्री एवं माल का परिवहन होता है ।
  • काठगोदाम (नैनीताल) और कोटद्वार (पौढ़ी) बड़ी रेललाइनों के टर्मिनल स्टेशन हैं ।
  • टनकपुर (चम्पावत) छोटी रेल लाइन का टर्मिनल स्टेशन है।
  • मार्च 1900 में स्थापित देहरादून रेलवे स्टेशन उत्तराखण्ड में उत्तर रेलवे को सबसे आखिरी स्टेशन है।
  • वर्ष 2000 के ‘मॉडल स्टेशन’, देहरादून रेलवे स्टेशन को साफ-सफाई अच्छी यात्रा सुविधाएं (जैसे आई. वी. आर. एस आदि सुविधाएं) प्रदान करने तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए सितम्बर 2003 में I.S.O. का दर्जा प्रदान किया गया। यह दर्जा पाने वाला यह राज्य का पहला स्टेशन है।
  • देहरादून से देश के विभिन्न स्थानों के लिए संचालित होने वाली ट्रेनों मे से एक (जनशताब्दी एक्सप्रेस) को नवम्बर 2004 मे अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र ‘ I.S.O. 9001-2000’ प्राप्त हुआ । राज्य से चलने वाली कुछ प्रमुख रेलगाड़ियाँ
  • गढ़वाल एक्सप्रेस (दिल्ली – कोटद्वार )
  • इलाहाबाद से हरिद्वार
  • देहरादून एक्सप्रेस (दून से ब्रान्द्रा )
  • देहरादून – दिल्ली एक्सप्रेस
  • मंसूरी एक्सप्रेस (देहरादून से दिल्ली )
  • देहरादून एक्सप्रेस ( देहरादून से हाबड़ा)
  • बाघ एक्सप्रेस (काठगोदाम से हाबड़ा)
  • काठगोदाम- देहरादून एक्सप्रेस
  • लिंक एक्सप्रेस (हरिद्वार – जोधपुर )
  • गोरखपुर-देहरादून एक्सप्रेस
  • सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस ( दिल्ली – काठगोदाम )
  • संगम एक्सप्रेस (इलाहाबाद – देहरादून)
  • कलिंग उत्कल एक्स. ( पुरी – हरिद्वार)
  • चेन्नई – देहरादून एक्स.
  • जनशताब्दी एक्सप्रेस (देहरा. – नई दिल्ली)
  • जनशताब्दी एक्सप्रेस (इन- काठगोदाम )
  • सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस ( कोटद्वारा – नई दिल्ली)
  • पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस ( टनकपुर-दिल्ली)

हवाई सेवा

  • राज्य के प्रमुख हवाई अड्डों को अधोलिखित सारणी में देखें ।
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  • प्रदेश के पांचों हवाई अड्डों में सबसे बड़ा रनवे पंतनगर हवाई अड्डे का है, जबकि सबसे छोटा चिन्यासीसौंड़ का है
  • पंतनगर को कारगो एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है।
  • दून हवाई अड्डे को विस्तारित कर बोईंग और एयरबस उतरने लायक बनाया गया है और यहाँ से कई राज्यों के बीच नियमित वायु सेवा प्रारम्भ की गई हैं।
  • 2021 में यहाँ नया और बड़ा टर्मिनल बनाया गया है।
  • नैनीसैनी एयरपोर्ट को एटीआर-72 टाइम के विमानों के परिचालन लायक बनाया गया है।
  • नैनीताल व कार्बेट आने वाले पर्यटकों हेतु बाजपुर (ऊ. सि.न.) में छोटे विमानों हेतु एक पोर्ट का निर्माण किया गया है।
  • राज्य में सर्वप्रथम केदारनाथ के लिए 16 मई 2003 को पवन हंस कम्पनी नामक सरकारी कम्पनी द्वारा हैलीकाप्टर सेवा शुरू की गई थीं, लेकिन वर्तमान में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत केदारनाथ, बद्रीनाथ, श्रीनगर, पंतनगर, हल्द्वानी, चिन्यालीसौड़, अल्मोड़ा, धारचूला, जोशीमठ आदि के लिए कई कम्पनियां सेवाएं दे रही हैं।
  • राज्य में जिला प्रशासन, सेना, पर्यटन आदि सभी विभागों को मिलाकर कुल 51 हेलीपैड हैं।

जल मार्ग

  • राज्य में प्रवाहित होने वाली गंगा, यमुना तथा कुछ अन्य नदियों में संचालित छोटी बड़ी नौकाओं द्वारा स्थानीय तथा आस- पास के क्षेत्रों में आवागमन किया जाता हैं।

प्रारम्भिक प्रश्नोत्तरी

1. उत्तराखण्ड में, रेलवे का कौन सा अन्तिम स्टेशन गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों क्षेत्रों के लिए उपयोगी है? ( पीसीएस मु. 2006)

(a) टनकपुर (b) कोटद्वार (c) रामनगर (d) ऋषिकेश

2. उत्तराखण्ड में मोटर यात्रा योग्य ‘कंडी मार्ग’ का खुलना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यात्रा दूरी को काफी हद तक कम कर देगा – ( पीसीएस मु. 2006)

(a) रामनगर एवं हरिद्वार के मध्य (c) ऋषिकेश एवं गंगोत्री के मध्य

(b) हल्द्वानी एवं धारचूला के मध्य (d) दिल्ली एवं देहरादून के मध्य

3. प्रस्तावित ‘हिमालयन राजमार्ग परियोजना’ को क्रियान्वित किया जा रहा है. ( पीसीएस मु. 2006 )

(a) मुन्स्यारी से माणा तक (c) लोहाघाट से ट्यूनी तक (b) पांगू से पुरोला तक (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

4. उत्तराखण्ड में किस स्थान पर ‘नैनीसैनी हवाई अड्डा’ स्थित है ? ( पीसीएस मु. 2006)

(b) पंतनगर में (a) चमोली में (c) पिथौरागढ़ में (d) देहरादून में

5. निम्नलिखित में किस स्थान से कैलाश मानसरोवर (चीन) सबसे कम दूरी पर स्थित है- ( पीसीएस मु. 2006 )

(a) नारायण आश्रम (b) मायावती आश्रम (c) अनासक्ति आश्रम (d) तवाघाट

6. 2021 के अंत तक राज्य में कुल कितने राष्ट्रीय राजमार्ग थे-

(b) 7 (c) 9 (a) 5 (d) 22

7. राज्य का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है –

(a) 7 (b) 34 (c) 9 (d) 109

8. बदरीनाथ मंदिर स्थित है राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या –

(a) 7 पर (b) 34 पर (c) 109 पर (d) 107 पर

9. गौरीकुण्ड (केदारनाथ) स्थित है

(a) 107 पर (b) 109 पर (c) 109 A पर (d) 7 पर

10. गंगोत्री स्थित है राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या –

(a) 34 पर (b) 7 पर (c) 109 पर (d) 707 A पर

11. यमुनोत्री स्थित है राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या –

(a) 107 पर (b) 109 पर (c) 9 पर (d) 134 पर

12. राज्य का सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग है

(a) 34 (b) 30 (c) 109 (d) 707 A

13. गोचर हवाई अड्डा स्थित है

(a) उत्तरकाशी में (b) चमोली में (c) पिथौरागढ़ (d) पौढ़ी में

14. निम्न में कौन सुमेलित नहीं है

(a) दून – देहरादून (c) नैनीसैनी – पिथौरागढ़ (b) फूलबाग – ऊधमसिंह नगर (d) चिन्यालीसौड़ – पौढ़ी

15. राज्य के कितने जिलों में रेल पथ बिछायें गये हैं-

(a) 5 (b) 6 (c) 7 (d) 8

16. राज्य में प्रथम रेल पथ का निर्माण 1884 में किया गया। वह पथ है

(a) लक्सर-हरिद्वार (c) हरिद्वार – ऋषिकेश (b) हरिद्वार-देहरादून (d) किच्छा-काठगोदाम

17. किस हवाई अड्डे का विकास ग्रीन फील्ड के रूप में किया जा रहा हैं-

(a) जौलीग्राण्ट (b) नैनी सैनी (c) फूलबाग (d) नैनीताल

18. सर्वाधिक रेल टैक निम्न में से किस जिले में है?

(a) ऊ.सि.न. (b) हरिद्वार (d) गौचर (c) देहरादून

19. निम्न में से कौन स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 109 पर स्थित नहीं है?

(a) पंतनगर (b) काठगोदाम (c) कालाढूंगी (d) रानीखेत

20. निम्न में से कौन स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 109 पर नहीं है ?

(a) गौचर (b) गैरसैंण (c) सिम्ली (d) कर्णप्रयाग

21. निम्न में से कौन नगर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 पर नहीं है?

(a) लोहाघाट (b) रामेश्वर (c) अस्कोट (d) धारचुला

22. निम्न में से कौन नगर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 पर नहीं है-

(a) टनकपुर (b) लोहाघाट (c) पिथौरागढ़ (d) बेरीनाग

23. निम्न में से राज्य का कौनसा एयरपोर्ट सर्वाधिक संचालन में है ? ( पीसीएस प्री . – 2016)

(d) भरकोट (a) पंतनगर (b) जौलीग्रांट (दून) (c) गोचर

24. निम्नलिखित में कौन एक उत्तराखण्ड में रेल यातायात का अंतिम बिन्दु नहीं है? (समीक्षा, अधि. – 2016)

(a) काठगोदाम (b) देहरादून (c) कोटद्वार (d) लक्सर

25. कुमाऊँ मोंटर ऑनर्स यूनियन की स्थापना किस वर्ष हुई? (कनिष्ठ सहा. – 2018 )

(b) वर्ष 1939 में (a) वर्ष 1938 में (c) वर्ष 1940 में (d) इनमें से कोई नहीं

26. उत्तराखण्ड में निम्न में से सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग कौन-सा है ? ( गन्ना पर्यवे. – 2016 )

(a) NH-34 (b) NH-7 (c) NH-109 (d) NH-309

27. ‘नैनी सैनी हवाई पट्टी’ निम्न में किस जनपद में स्थित है? ( ग्राम पंचा. अधि. – 2016 )

(c) चमोली (a) उत्तरकाशी (b) पिथौरागढ़(d) रुद्रप्रयाग

28. देहरादून किस वर्ष रेलमार्ग से जुड़ा ? (PRO-2021)

(a) 1910 (b) 1900 (c) 1890 (d) 1885

29. ‘गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन लिमिटेड’ की स्थापना 1941 ई. में हुई थी- (VDO-2021)

(a) पौड़ी में (b) देहरादून में (c) कोटद्वार में (d) कर्णप्रयाग में

 

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